Venus Jupiter Conjunction : आसमान में मंगलवार की रात शुक्र और बृहस्पति ग्रह का महामिलन देखा गया. लखनऊ से लेकर जयपुर तक प्लैनेटोरियम और अन्य जगहों पर हजारों लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना के गवाह बने. हालांकि दिल्ली में धूल भरी आंधी के कारण ये नजारा खुली आंखों नही देखा जा सका. यदि आपने यह अनोखा नजारा नही देख पाया है तो अभी आपके लिए एक और मौका है.
दरअसल, इस हफ्ते शाम के आसमान में बुध, शुक्र और बृहस्पति ग्रह एक साथ दिखाई देंगे. यह तीनो ग्रहों का एक दुर्लभ मिलन होगा, जो उत्तरी गोलार्ध के ज्यादातर हिस्सों में देखा जा सकेगा. बता दें कि शुक्र-बृहस्पति का ये महासंयोग सूरज डूबने के ठीक बाद रात 8 बजे से 8.30 बजे के बीच देखा गया. इस दौरान आसमान में सबसे चमकीले दो ग्रहों शुक्र (Venus) और बृहस्पति (Jupiter) को पश्चिमी क्षितिज में एक-दूसरे के पास देखा गया. ये दोनों ग्रह लगभग 2 घंटे तक बेहद करीब दिखाई दिए. रात 8.30 बजे से 11 बजे तक ये नजारा देखा गया.
शुक्र और गुरु की युति
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के मुताबिक, 9 जून को सूरज डूबने के बाद शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे के बहुत करीब दिखाई दिए. ये दोनों ग्रह एक-दूसरे से महज 1.5 से 2 डिग्री पर होने के कारण इतने नजदीक दिखाई दिए. वास्तव में उनकी दूरी लाखों करोड़ों किलोमीटर की थी. शुक्र और बृहस्पति सूरज के चारों ओर अपनी-अपनी कक्षाओं में लाखों मील दूर हैं.इन दोनों ग्रहों के साथ बुध भी हफ्ते के आखिर में इन ग्रहों के साथ जुड़ जाएगा, जिससे तीन ग्रहों का मिलन होगा. अगर मौसम साफ रहा तो इसे 11 जून से 15 जून तक देखा जा सकेगा.
बुध भी शुक्र और बृहस्पति के साथ
खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, गुरुवार 11 जून तक बुध भी शुक्र और बृहस्पति के नीचे और बगल में दिखाई देने लगेगा. इससे तीन ग्रहों का एक समूह बन जाएगा. हालांकि इस दौरान बुध को देखना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि यह क्षितिज के पास नीचे होता है और बाकी दो ग्रहों की तुलना में काफी कम चमकीला होता है. ये तीनों ग्रह रात में तब तक दिखाई देते रहेंगे, जब तक कि बुध रात 10:15 बजे के आसपास अस्त नहीं हो जाता; वहीं शुक्र और बृहस्पति लगभग रात 11 बजे तक क्षितिज के ऊपर बने रहेंगे.
क्या है ग्रहों का संयोजन?
बता दें कि आसमान में ग्रहों का संयोजन तब होता है, जब पृथ्वी से देखने पर दो या दो से अधिक ग्रह एक-दूसरे के करीब दिखाई देते हैं. हालांकि वास्तव में ये ग्रह एक-दूसरे के करीब नहीं होते, लेकिन अपनी कक्षा पर अपनी स्थिति और कोण के कारण एक सीध में दिखाई देते हैं. दो या तीन चमकीले ग्रहों का आसमान के एक ही हिस्से में एक साथ दिखाई देना बड़ी खगोलीय घटना है. सूर्यास्त के ठीक बाद ये बिना किसी टेलीस्कोप के खुली आंखों से देखा जा सकेगा.

