US iran war: अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते की उम्मीद बेहद कमजोर हो गई है क्योंकि दोनों देशों ने फिर से एक-दूसरे पर हमले करने शुरू कर दिए है. इस बीच अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरान ने उसके अपाचे हेलीकॉप्टर को 2 दिन पहले मार गिराया था. दरअसल रात के अंधेरे में जब समुद्र शांत था तब अमेरिकी सेना ने होर्मुज से लगे ईरानी शहरों पर जोरदार हमले किए.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने जब हमला खत्म करने का ऐलान किया तभी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा कर दिया कि उसने बहरीन में अमेरिकी नेवी के पांचवें बेड़े को ड्रोन से निशाना बनाया है. इसके साथ ही उसने जॉर्डन में भी अमेरिकी बेस पर मिसाइल से हमला किया है.
अमेरिका ने किया पहला वार
अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने ईरान पर “सेल्फ डिफेंस” में हमला किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और निगरानी रडार साइटों को निशाना बनाया, जिसे अमेरिका ने “अनुपातिक जवाब” बताया, जो अमेरिका के अपाची हेलीकॉप्टर को मार गिराने के जवाब में दिया गया था. बाद में CENTCOM ने एक पोस्ट में बताया कि उसके हमले खत्म हो चुके हैं.
हालांकि अमेरिकी सेना के इन हमलों के कुछ ही घंटों में आक्रोशित ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि उसने अमेरिका के पांचवें बेड़े को निशाना बनाया है, जो बहरीन में स्थित है. IRGC नौसेना ने बताया कि उसने रात 2:30 बजे ड्रोन हमला किया और अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने को लक्ष्य बनाया.
हमले जारी रहें तो दिए जाएंगे और भी कड़े जवाब
ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा कि “युद्ध-प्रेमी अमेरिकी सरकार ने आज सुबह-सुबह झूठे बहाने बनाकर जास्क, सिरिक और केशम में कई जगहों पर हमला किया, जिससे सिरिक में एक टेलीकम्युनिकेशन मास्ट को नुकसान पहुंचा और शहर में पानी की दो टंकियां नष्ट हो गईं. दुश्मन की इस खतरनाक हरकत के जवाब में, IRGC के नौसैनिक लड़ाकों ने रात 2:30 बजे (मंगलवार 2300 GMT) बहरीन की 5वीं नौसेना पर ड्रोन से हमला किया.”
इतना ही नही, उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि हमले जारी रहे तो “और भी कड़े जवाब” दिए जाएंगे. ईरान के हमले के बाद बहरीन में सायरन बज गया है. बहरीन की सरकार ने अपने लोगों को घर के अंदर रहने को कहा है. लेकिन एक बात तो साफ है कि मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हालात और भी गंभीर होते जा रह है.

