‘US, NATO, UN काम के नहीं, रूस-चीन दुनिया के नए स्टेबलाइज़र’, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच लावरोव का कड़ा बयान

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Beijing: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बेहद कड़ा बयान दिया है. बुधवार को लावरोव ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान कहा कि दुनिया सैन्य मोड़ की ओर बढ़ रही है. इस स्थिति में रूस और चीन दुनिया की ज़्यादातर आबादी के लिए स्टेबलाइज़र हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि US, NATO या UN काम के नहीं रहे. अब सिर्फ मॉस्को और बीजिंग वैश्विक स्थिरता के प्रमुख स्तंभ हैं.

भूमिका को मजबूत करने की कोशिश

बैठक के दौरान जिनपिंग ने खुद को एक स्थिर और जिम्मेदार शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश की. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित कई देशों के नेता लगातार बीजिंग पहुंच रहे हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि चीन इस वैश्विक संकट में अपनी भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. इन बैठकों में मिडिल ईस्ट संकट, वैश्विक स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

दुनिया की दो सबसे बड़ी न्यूक्लियर ताकतें

यह कोई बयानबाज़ी नहीं है. यह सीधे तौर पर यह ऐलान है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी न्यूक्लियर ताकतें खुद को पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले सिस्टम के विकल्प के तौर पर पेश कर रही हैं. और वे यह बात बीजिंग में कैमरे के सामने ज़ोर-शोर से कह रहे हैं ग्लोबल साउथ अमेरिका में कोलेटरल डैमेज होने से थक चुका है.

रूस-चीन का ग्लोबल साउथ पर संदेश 

लावरोव ने संकेत दिया कि रूस और चीन खुद को पश्चिमी नेतृत्व वाली व्यवस्था जैसे अमेरिका, NATO और संयुक्त राष्ट्र के विकल्प के रूप में देख रहे हैं. रूस-चीन का यह संदेश खासतौर पर ग्लोबल साउथ यानी एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों को ध्यान में रखकर दिया गया है. इन देशों को पश्चिमी नीतियों से प्रभावित या उपेक्षित माना जाता रहा है और अब रूस-चीन उन्हें अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

ईरान से जुड़े युद्ध और ऊर्जा संकट भी रहा मुद्दा 

इस बैठक का एक बड़ा मुद्दा ईरान से जुड़े युद्ध और ऊर्जा संकट भी रहा. Strait of Hormuz में तनाव और नाकेबंदी के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है. लावरोव ने कहा कि रूस चीन की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है. उन्होंने दावा किया कि मॉस्को न केवल चीन बल्कि अन्य देशों के लिए भी संसाधनों की कमी को पूरा कर सकता है.

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