New Delhi: यमन में सऊदी समर्थित सरकार और UAE समर्थित अलगाववादी गुटों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का खतरा आम नागरिक झेल रहे हैं. इस टकराव ने न केवल क्षेत्रीय राजनीति को जटिल बना दिया है बल्कि आम नागरिकों और विदेशी नागरिकों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसी बीच एक भारतीय नागरिक सोकोत्रा द्वीप पर फंसी हुई थी, जिसे सुरक्षित स्वदेश वापस पहुंचाया गया है.
सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया गया
यमन में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच सोकोत्रा द्वीप पर पिछले कुछ हफ्तों से फंसी भारतीय नागरिक राखी किशन गोपाल को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया गया है. यमन स्थित भारतीय मिशन ने बताया कि उन्हें सात जनवरी को विशेष यमेनिया उड़ान से जेद्दा भेजा गया, जहां से वह भारत के लिए रवाना हुईं. भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी देते हुए कहा कि जेद्दा में भारत के वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें रिसीव किया और सभी औपचारिकताओं के बाद उन्हें सुरक्षित स्वदेश भेजा गया.
ट्रांजिशनल काउंसिल के बीच तनाव चरम पर
यह निकासी ऐसे समय हुई है, जब यमन में सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों और UAE समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के बीच तनाव चरम पर है. हालिया झड़पों में हद्रमौत और अल-मह्रा प्रांतों में सैन्य ठिकानों को लेकर भीषण संघर्ष हुआ, जिसके कारण हवाई सेवाएं बाधित हो गईं. रिपोर्टों के अनुसार STC बलों ने हाल ही में हद्रमौत की राजधानी मुकल्ला समेत कई इलाकों से पीछे हटना शुरू किया है. हालांकि हिंसा के कारण सोकोत्रा द्वीप पर करीब 400 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं क्योंकि मुख्य भूमि पर संघर्ष के चलते उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं.
राज्य का नियंत्रण बहाल करने की कोशिश
यमन सरकार का कहना है कि वह सऊदी अरब की मदद से राज्य का नियंत्रण बहाल करने की कोशिश कर रही है जबकि STC ने दक्षिण यमन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की चेतावनी दी है.
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