कनाडा के लिए ‘कुबेर का खजाना’ है यह पत्ती, सालों से सरकार हो रही मालामाल

Abhinav Tripathi
Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Abhinav Tripathi
Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Canada maple syrup: भारत और कनाडा के बीच में इस समय रिश्तों की कड़वाहट काफी बढ़ गई है. कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है. यहां पर भारत से काफी मात्रा में सिख लोग पहुंचते हैं. यहां पर सिखों की संख्या काफी ज्यादा है. यही कारण है कि कनाडा को मिनी पंजाब के तौर पर जाना जाता है.

अगर आप कनाडा के झंडे पर नजर डालेंगे तो आपको एक खास प्रकार का पत्ती नजर आती है. यह कोई सामान्य पत्ती नहीं है बल्कि कनाडा के लिए एक खजाना है. इस पत्ती को मेपल लीफ के नाम से जानते हैं. सबसे खास बात है कि यह पत्ती कनाडा के लिए ‘अलादीन के चिराग’ से कम नहीं है.

पत्ती है कनाडा के लिए कुबेर का खजाना

अगर कानाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर डालेंगे तो पता चलेगा कि देश में मेपल की 100 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं. इन पत्तियों की उत्पत्ति ही कनाडा में हुई है. यही पेड़ यहां के लोगों को अरबपति बना रहे हैं और कनाडा की अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार दे रहे हैं. इन पत्तियों से मैपल सिरप बनाई जाती है और पूरी दुनिया में सप्लाई की जाती है.

दरअसल, मेपल सिरप की डिमांड पूरी करने में कनाडा सबसे आगे है. पूरी दुनिया में मेपल सिरप की जितनी डिमांड है उसकी 83.2% पूर्ति कनाडा करता है. बता दें कि इस सिरप का प्रयोग बेकरी प्रोडक्ट, सलाद, ओटमील समेत कई चीजों में किया जाता है. विदेशों में मैपल सिरप की डिमांड काफी ज्यादा है. मेपल सिरप को शक्कर के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. जानकार बताते हैं कि एक चम्मच मेपल सिरप में 52 कैलोरी होती है और कैल्शियम, पोटेशियम और आयरन जैसे कई तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि मिठास के लिए इसका इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है.

मेपल लीफ से कनाडा के लोग बन रहे अमीर

बता दें कि मेपल सिरप कनाडा के लोगों के लिए किसी कुबेर के खजाने से कम नहीं है. मेपल सैकड़ों सालों से कनाडा के लोगों के लिए मददगार रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका प्रयोग कई प्रकार से किया जाता रहा है. इसे किसी भी खाने की चीज को मीठा बनाने के लिए किया जाता है. खास कर के इसका प्रयोग मांस को प्रिजर्व करने के लिए किया जाता रहा है.

बताया जाता है कि यहां के स्थानीय लोगों ने पहले मेपल से सिरप को तैयार करने का तरीका सीखा और इसका व्यापार करना शुरु कर दिया. इसके व्यापार का सिलसिला पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ता रहा. वहीं, दुनिया भर में इस सिरप की मांग बढ़ने के कारण इसका कारोबार बढ़ता गया. इस तरीके से मैपल का पेड़ कनाडा के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. मेपल लीफ यहां के लोगों के लिए अलादीन का चिराग बन गई.

रिपोर्ट्स बताती हैं कि पूरी दुनिया में 50 से जयादा देश कनाडा से मेपल सिरप खरीदते हैं. कनाडा से सबसे ज्यादा मेपल सिरप अमेरिका खरीदता है. दूसरे पायदान पर यूरोपियन यूनियन, तीसरे पर जर्मनी, चौथे पर नीदरलैंड और पांचवे पर ब्रिटेन है.

मेपल सिरप की क्यों बढ़ रही डिमांड

गौरतलब है कि डायबटिज से बचने के लिए और शक्कर से दूरी बनाने के लिए मेपल सिरप चीनी का विकल्प बन गया है. सवाल है कि खाने में मिठास देने वाला यह सिरप कितना फायदेमंद है. इस सवाल को लेकर जानकार बताते हैं कि जरूरी नहीं है कि हर प्राकृतिक चीज स्वास्थ्य के लिए 100 फीसदी बेहतर हो, लेकिन हां, अगर मेपल सिरप को कम से कम प्राॅसेस्ड किया जाता है तो यह बेहतर विकल्प है. मेपल सिरप में एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनिरल्स भी मिलते हैं.

Latest News

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग जारी, 152 सीटें, 1478 उम्मीदवार… दांव पर दिग्गजों की किस्मत

West Bengal Election 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग. 3.6 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू.

More Articles Like This