अमेरिकी झंडा जलाने वाले विरोधियों की जानवरों से तुलना करते हुए बोले ट्रंप- परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें

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Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्‍ड ट्रंप की इमिग्रेशन की नीतियों के खिलाफ काफी विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस विरोध को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप प्रदर्शनकारियों पर बुरी तरह से भड़क उठे. उन्‍होंने झंडा जलाने वाले लोगों की जानवरों से तुलना करते हुए कहा कि परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें.

इस दौरान अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ICE का विरोध करने वाले लोग दूसरे देशों के झंडे लेकर चल रहे थे लेकिन अमेरिकी झंडे को जला रहे थे. उन्होंने विरोधियों को कहा कि झंडा जलाने वाले कड़ी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें. उन्होंने अमेरिकी झंडे को जलाने के लिए आपराधिक दंड, विशेष रूप से एक साल की जेल की सजा लगाने की संभावना भी जताई.

झंडा जलाने पर मिलेगी कड़ी सजा

अमेरिका के राष्‍ट्रपति ने विरोधियों को कहा कि ‘ये जानवर हैं, वे अमेरिकी झंडा न उठाते हुए दूसरे देश का झंडा गर्व से उठाते हैं. इस दौरान ट्रम्प ने सेवा सदस्यों, दिग्गजों और उनके परिवारों से पूछा और कहा कि ये झंडे अमेरिका से प्यार करने वाले लोगों द्वारा नहीं जलाए जा रहे थे. लेकिन जो लोग अमेरिकी झंडा जलाते हैं, उन्हें एक साल के लिए जेल जाना चाहिए.

ट्रंप के फैसले पर हो रहा विवाद

बता दें कि हिंसक प्रदर्शन के चलते 4,000 से ज्यादा नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 अमेरिकी मरीन की तैनाती की गई है. जानकारी के मुताबिक, ट्रंप के फैसले पर भी विवाद हो रहा है. ट्रम्प ने न्यूयॉर्क पोस्ट की स्तंभकार मिरांडा डिवाइन द्वारा होस्ट किए गए नए पॉडकास्ट के दौरान अमेरिकी झंडे जलाने वालों के लिए संभावित जेल समय के बारे में अपना रुख दोहराया. उनका कहना है कि “मुझे लगता है कि जो लोग अमेरिकी झंडा जलाते हैं उन्‍हें एक साल के लिए जेल जाना होगा.

ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ दायर किया मुकदमा

लॉस एंजिल्स में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ICE विरोधी प्रदर्शनकारियों को ट्रम्प प्रशासन के फैसले के खिलाफ अमेरिकी झंडा जलाते हुए देखा गया. ऐसे में ट्रंप ने बताया कि गवर्नर न्यूजॉम भी इन तत्वों का समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं. न्यूज़ॉम ने ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राष्ट्रपति ने नेशनल गार्ड पर संघीय नियंत्रण को सक्षम करने वाले कानून का हवाला देकर कैलिफोर्निया के 10वें संशोधन के अधिकारों का उल्लंघन किया है.

अवैध आप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा रहा बाहर

बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2025 से सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी लागू की हैं, इस दौरान लागू की गई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत अवैध आप्रवासियों को अमेरिका से बाहर किया जा रहा है. वहीं 6 जून 2025 से लॉस एंजिल्स में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए. जानकारी के मुताबिक, लॉस एंजिल्स को खास तौर से सैंक्चुअरी सिटी घोषित किया था जिसके चलते वहां खास तौर से छापेमारी की गई थी.

पुलिस ने चलाई आंसू गैस और रबर बुलेट्स

इस मामले को लेकर 7 जून को पैरामाउंट और कॉम्पटन में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आवागमन को रोक दिया. प्रदर्शनकारियों के आवागमन रोने पर पुलिस ने आंसू गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया. हालात बिगड़ते देख राष्ट्रपति ट्रंप ने 7 जून को नेशनल गार्ड के 300 सैनिकों को लॉस एंजिल्स में तैनात किया, और 9 जून को 700 मरीन्स को भी भेजा.

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