Kolkata: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया है कि 2026 का विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल के लिए एक जनसांख्यिकीय मोड़ साबित होगा. अभी तक जनगणना नहीं हुई है, लेकिन ममता बनर्जी दावा कर रही हैं कि मुस्लिम आबादी का लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा है. यह 33-35 प्रतिशत हो सकता है. अगले पांच सालों में यह प्रतिशत और बढ़ जाएगा. उसके बाद हिंदुओं के लिए चुनाव जीतना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
कई जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए कोलकाता पहुंचे केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि राज्य के कई जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के शासन के दौरान काफी तेज़ी से जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहे हैं. अगर यह प्रोसेस यूं ही जारी रहा तो पश्चिम बंगाल की कई विधानसभा सीटों पर इस समुदाय से आने वाले उम्मीदवारों को चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा.
चुनाव प्रचार की रणनीति में बदलाव
BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने में नाकाम रहने के बाद पार्टी ने अपने चुनाव प्रचार की रणनीति में बदलाव किया है. अब पार्टी बूथ-स्तर पर संगठन को मज़बूत करने, ज़्यादा ‘बंगाल-केंद्रित’ मुद्दों को उठाने और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न’ (SIR) के ज़रिए वोटर लिस्ट को साफ़ करने पर ज़ोर दे रही है. उनका मानना है कि इन कदमों से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं.
2026 के विधानसभा चुनाव अंतिम चुनाव
उन्होंने दावा किया कि इसलिए 2026 के विधानसभा चुनाव अंतिम चुनाव हो सकते हैं, जिसमें बंगाली हिंदू राज्य के चुनावी नतीजों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे बशर्ते टीएमसी सत्ता में बनी रहे. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि जनसांख्यिकी में बदलाव के चलते टीएमसी को धीरे-धीरे हिंदुओं के बजाय मुसलमानों को ज़्यादा टिकट देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
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