एशिया-प्रशांत कमर्शियल रियल एस्टेट निवेश 2025 Q3 में 63.8 अरब डॉलर पर पहुंचा, ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश 2025 की तीसरी तिमाही में अब तक के उच्चतम स्तर तक पहुँच गया, जो 63.8 अरब डॉलर पर रिकॉर्ड किया गया. यह पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 56.8% की मजबूत वृद्धि दर्शाता है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि निवेश गतिविधि में तेजी अन्य तिमाहियों की तुलना में दोगुनी हो गई है.
नाइट फ्रैंक की 2025 की तीसरी तिमाही के लिए कैपिटल मार्केट्स इनसाइट्स रिपोर्ट बताती है कि यह बढ़त कई एंट्री-लेवल ट्रांजैक्शन और एक्सटेंडेड ड्यू डिलिजेंस के कारण डीले हो रहे डील के पूरे होने की वजह से दर्ज की गई. ट्रांजैक्शन वॉल्यूम ईयर-टू-डेट पहले ही 2024 के पूरे वर्ष के 80% तक पहुंच चुकी है, जिसमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र में निवेश 2025 में 195 अरब डॉलर के आंकड़े को पार करने की उम्मीद की जा रही है.
नाइट फ्रैंक की एशिया-प्रशांत रिसर्च हेड क्रिस्टीन ली ने कहा, 2025 की सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड 63.8 अरब डॉलर का ट्रांजैक्शन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में वास्तविक बाजार पुनरुद्धार का प्रतीक है. निवेशक एक्टिव एसेट मैनेजमेंट और आय वृद्धि जैसे बाहरी कारकों की ओर रुख कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह नया आत्मविश्वास रणनीतिक और रक्षात्मक क्षेत्रों में पर्याप्त पूंजी लगा रहा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस क्षेत्र में तिमाही के दौरान सीमा पार निवेश 17.8 अरब डॉलर रहा, जो दूसरी तिमाही से 72.1 प्रतिशत और सालाना आधार पर 28.6 प्रतिशत अधिक है.
इस निवेश रेस में ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे रहा, जिसने 5 अरब डॉलर से अधिक पूंजी आकर्षित की. इसके बाद जापान का स्थान रहा, जहाँ 3.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि तीसरे स्थान पर दक्षिण कोरिया रहा, जिसने 2.3 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया. नाइट फ्रैंक के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कैपिटल मार्केट हेड डैन डिक्सन ने बताया कि क्रॉस-बॉर्डर निवेशकों का एशिया-प्रशांत के प्रमुख बाजारों में विश्वास बढ़ रहा है. विशेष रूप से संस्थागत स्तर के कार्यालय और लॉजिस्टिक्स संपत्तियों में सीमित आपूर्ति और स्थिर कीमतों के कारण भविष्य में आकर्षक निवेश अवसर बन रहे हैं.
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