Stock Market Opening: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच हल्की बढ़त के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी की ओर दिखाई दिया, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा. आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला.
सुबह 9:18 बजे तक सेंसेक्स 86 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,490 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 30 अंक यानी 0.12 प्रतिशत मजबूत होकर 23,720 के आसपास पहुंच गया. बाजार में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा कुछ बड़े शेयरों में बना हुआ दिखाई दिया.
आईटी और ऑटो सेक्टर ने संभाला बाजार
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा मजबूती दिखाने वाले सेक्टर रहे. इसके अलावा एफएमसीजी, हेल्थकेयर, फार्मा और सर्विस सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली. आईटी कंपनियों में तेजी के पीछे अमेरिकी बाजारों की मजबूती और टेक सेक्टर में बेहतर माहौल को प्रमुख कारण माना जा रहा है. टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे बड़े शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी
जहां लार्जकैप शेयरों में मजबूती दिखाई दी, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दबाव में नजर आए. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 195 अंक यानी 0.32 प्रतिशत गिरकर 60,647 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 123 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,867 के स्तर पर पहुंच गया.
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, टाइटन, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, इंडिगो और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे. इन शेयरों में खरीदारी की वजह से बाजार को मजबूती मिली और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बने रहे.
इन शेयरों पर रहा दबाव
दूसरी ओर एसबीआई, बीईएल, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एमएंडएम, टाटा स्टील और एनटीपीसी जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. मेटल और पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी की वजह से बाजार की तेजी सीमित रही. निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए.
वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को मिलाजुला कारोबार देखने को मिला. टोक्यो, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई बाजार में तेजी दिखाई दी. हालांकि अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले. गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे. डाओ जोन्स 0.75 प्रतिशत और नैस्डैक 0.88 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था, जिसका असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी देखने को मिला.
एफआईआई की वापसी से बढ़ा भरोसा
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने एक बार फिर भारतीय बाजार में खरीदारी शुरू की है. गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय इक्विटी बाजार में 187.46 करोड़ रुपए का निवेश किया. इससे पहले लगातार कई सत्रों तक विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे थे.
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने भी बाजार में 684.33 करोड़ रुपए का निवेश किया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी से आने वाले समय में बाजार को और मजबूती मिल सकती है.
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का भी दिख सकता है असर
इस बीच सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपए बढ़कर 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपए महंगा होकर 90.67 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार की चाल भी प्रभावित हो सकती है.
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