50% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद ग्लोबल ग्रोथ चार्ट में टॉप पर रहेगा भारत, यूरोप, मिडिल ईस्ट से मिलेगी मदद!

Must Read

UN: अमेरिका के भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाने के बावजूद भी कोई खास असर नहीं पडेगा. भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी रहेगी. हालांकि, भारत की ग्रोथ रेट में हल्की गिरावट आ सकती है लेकिन इसके बावजूद भारत ग्लोबल ग्रोथ चार्ट में टॉप पर रहेगा. यूरोप और मिडिल ईस्ट से मजबूत मांग इस नुकसान की आंशिक भरपाई कर सकती है. संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.

साल 2025 में भारत की GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2026 में कहा गया है कि साल 2025 में भारत की GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है. हालांकि 2026 में यह घटकर 6.6% हो सकती है. गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ को माना गया है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत घरेलू उपभोग और सरकारी निवेश का सहारा मिलेगा. हालिया टैक्स सुधार और मॉनेटरी पॉलिसी में ढील से आर्थिक गतिविधियों को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे अमेरिकी टैरिफ के नकारात्मक असर को काफी हद तक संतुलित किया जा सकेगा.

भारत की GDP ग्रोथ 6.7 फीसदी रहने का अनुमान

संयुक्त राष्ट्र ने 2027 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका भारतीय निर्यात का करीब 18 फीसदी हिस्सा लेता है, इसलिए टैरिफ का असर निर्यात पर दिख सकता है. हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन जैसे प्रमुख सेक्टरों को राहत मिलने की संभावना है. साथ ही यूरोप और मिडिल ईस्ट से मजबूत मांग नुकसान की आंशिक भरपाई कर सकती है.

आने वाले समय में रुपये को सहारा मिलने की उम्मीद

UN के मुताबिक डॉलर की कमजोरी के चलते साल की पहली छमाही में रुपया स्थिर रहा लेकिन दूसरी छमाही में अमेरिकी ग्रोथ और ट्रेड टेंशन के कारण इसमें गिरावट आई. इसके बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति से आने वाले समय में रुपये को सहारा मिलने की उम्मीद जताई गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में 2026 के दौरान महंगाई बढ़ सकती है. औसत महंगाई दर 8.7% तक पहुंचने का अनुमान है. भारत में महंगाई 4.1%, नेपाल में 3.2% और ईरान में 35.4% तक रह सकती है.

ग्लोबल ग्रोथ की रफ्तार रह सकती है धीमी

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ट्रेड पॉलिसी में बदलाव, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और राजकोषीय दबावों से जूझ रही है. हाई टैरिफ और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते आने वाले समय में ग्लोबल ग्रोथ की रफ्तार धीमी रह सकती है.

इसे भी पढ़ें. BMC Election 2026: दाऊद भी मराठी, क्या उसे भी बनाएंगे महापौर? आचार्य पवन त्रिपाठी का ठाकरे बंधुओं पर मुंबई हमला

Latest News

कहलगांव का ‘मौत वाला’ क्लीनिक: YouTube देखकर किया सिजेरियन, बच्चा बचा… मां ने ऑपरेशन टेबल पर तोड़ा दम

भागलपुर के कहलगांव से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर...

More Articles Like This