भारत–साइप्रस व्यापार 150 मिलियन डॉलर के पार, जानिए दोनों देशों के रिश्ते कितने मजबूत

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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साइप्रस ने 1960 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की थी और तभी से उसके भारत के साथ करीबी संबंध बने हुए हैं. हालांकि, दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक रिश्ते 1962 में स्थापित हुए. भारत और साइप्रस दोनों ही राष्ट्रमंडल के सदस्य हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते रहे हैं.

कूटनीति, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग के स्तर पर भी दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. भूमध्यसागर में स्थित साइप्रस को यूरोप, पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु माना जाता है. सिसिली और सार्डिनिया के बाद यह भूमध्य सागर का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है.

23 साल बाद भारत-साइप्रस रिश्तों में नया अध्याय

इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 9,251 वर्ग किलोमीटर है. साइप्रस की जनसंख्या 2025 तक लगभग 1,269,748 मिलियन है. बीते 23 सालों में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री ने 2025 में साइप्रस का दौरा किया. पीएम मोदी भारत के पहले पीएम हैं जिन्होंने बीते 23 सालों में पहली बार साइप्रस का दौरा किया. पीएम मोदी को इस दौरान साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ माकारियोज III से सम्मानित किया गया. भले ही साइप्रस 1960 में आजाद हुआ, लेकिन 1974 में तुर्किए के आक्रमण के बाद इसका विभाजन भी हो गया.

साइप्रस ने भारत का दिया समर्थन

तुर्किए के आक्रमण के बाद साइप्रस उत्तर में उत्तरी साइप्रस और दक्षिण में साइप्रस गणराज्य में बंट गया. उत्तरी साइप्रस को केवल तुर्किए ही मान्यता देता है. आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर जैसे मुद्दों पर साइप्रस हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है, जबकि भारत ने भी साइप्रस की क्षेत्रीय अखंडता और एकता का समर्थन किया है. भारत का उच्चायोग निकोसिया में स्थित है, वहीं साइप्रस नई दिल्ली से भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों का संचालन करता है. 2025 में पीएम मोदी ने बताया था कि भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 150 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है.

फार्मा, टेक और टेक्सटाइल का बड़ा रोल

दोनों देशों ने 2025 में UPI लॉन्च करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था. भारत साइप्रस से फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयां), पेय पदार्थ, मशीनरी, विनिर्मित सामान, सिरेमिक, केमिकल्स, विशेष औद्योगिक उत्पाद और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट आयात करता है. इसके अलावा, भारत साइप्रस को दवाइयां और उनसे जुड़े उत्पाद, कपड़े व अन्य वस्त्र, लोहा और इस्पात, सिरेमिक टाइल्स, रासायनिक सामान, कृषि उत्पाद जैसे चावल, तिलहन, चाय और मसाले, मेडिकल उपकरण, रेडीमेड गारमेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो पार्ट्स के साथ-साथ आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाएं भी निर्यात करता है. साइप्रस में भारतीय समुदाय की संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन वहां योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है.

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