‘जापान की संसद भंग!’, PM ताकाइची ने किया ऐलान, क्यों लिया अचानक निर्णायक फैसला..?

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Tokyo: जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने जापान की संसद को भंग कर दिया है. पीएम ताकाइची की कैबिनेट ने शुक्रवार को 465 सदस्य वाले संसद को भंग करने के प्लान को मंजूरी दे दी. खास बात यह है कि जापान में प्रधानमंत्री लोअर हाउस को भंग कर सकते हैं लेकिन यह पहली बार है कि छह दशकों में किसी रेगुलर सेशन की शुरुआत में लोअर हाउस भंग किया गया है.

अब राजनीतिक दलों के पास चुनावी अभियान शुरू करने का समय

बता दें कि जापान में 8 फरवरी को मध्यावधि चुनाव होने वाला है. उससे पहले जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग कर दिया. आम पार्लियामेंट्री सेशन की शुरुआत में संसद को भंग करने के बाद अब राजनीतिक दलों के पास चुनावी अभियान शुरू करने का समय है. सत्ता पक्ष और विपक्ष ने आगामी चुनाव के लिए महंगाई को मुद्दा बनाया है. दोनों पक्षों ने महंगाई से जूझ रहे परिवारों को राहत देने के लिए खाने की चीजों पर कंजम्प्शन टैक्स हटाने का प्रस्ताव दिया है.

कंजम्प्शन टैक्स को सस्पेंड करने का प्रस्ताव

पीएम ताकाइची ने जोर देकर कहा है कि उन्होंने चुनाव कराने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि उन्हें अभी तक अपने प्रीमियरशिप यानी कि प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों का समर्थन नहीं मिला है. ताकाइची पिछले साल अक्टूबर 2025 में जापान की पीएम बनी थीं. सत्तापक्ष ने खाने की चीजों पर कंजम्प्शन टैक्स को सस्पेंड करने का प्रस्ताव दिया जबकि विपक्षी गठबंधन ने ऐसे सभी प्रोडक्ट्स पर कंजम्प्शन टैक्स खत्म करने का प्रस्ताव दिया है.

राजनीति और पैसा होगा चुनावी मुद्दा

हाल के सालों में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) पर हुए स्लश फंड स्कैंडल के बाद राजनीति और पैसों ने सबका ध्यान खींचा है. ऐसे में राजनीति और पैसा चुनावी मुद्दा होगा. इसके अलावा विदेशी निवासियों और पर्यटकों से जुड़े मामले भी चुनावी मुद्दा हो सकते हैं. खास बात यह है कि ताकाइची की कैबिनेट की सपोर्ट रेटिंग बहुत ज्यादा है. हालांकि निचले सदन में सत्तापक्ष के पास बहुमत कम है और हाउस ऑफ काउंसिलर्स में माइनॉरिटी है.

सत्तापक्ष को विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत

इसका मतलब यह है कि जापान की संसद में किसी भी बिल को पास करने के लिए सत्तापक्ष को विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत है. विपक्षी दलों ने सना ताकाइची की आलोचना करते हुए कहा कि वे अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2026 के लिए शुरुआती बजट पास करने से पहले चुनाव करवा रही हैं. विपक्ष ने ताकाइची पर राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है.

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