वाल्ट्ज का दावा-गाजा शांति योजना में US को मिली बड़ी जीत, अब ईरान के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

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Washington: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने दावा किया है कि हमास का समर्थन करने वाले देश कतर, तुर्की और मिस्र अब यूएस के साथ खड़े हैं. इजरायल भी इस पहल का हिस्सा है. क्योंकि इसकी वजह यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सर्वसम्मति से समर्थन मिल गया है. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ और सख्त रुख अपनाने जा रहा है.

हमने सर्वसम्मति से पास कराया

ह्यूग हेविट को सलेम न्यूज चैनल पर दिए इंटरव्यू में वाल्ट्ज ने कहा कि हमने इसे सर्वसम्मति से पास कराया. प्रस्ताव 13-0 से पारित हुआ. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन बताया. उनके अनुसार यह संयुक्त राष्ट्र के सबसे विवादित मुद्दों में से एक इजरायल-फिलिस्तीन पर बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है.

विश्व बैंक के तहत बनाया जाएगा एक विशेष फंड

वाल्ट्ज के मुताबिक इस ढांचे के तहत एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल बनाया जाएगा. फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक अथॉरिटी स्थापित होगी और विश्व बैंक के तहत एक विशेष फंड बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया ने सार्वजनिक रूप से 8,000 सैनिक देने का वादा किया है और पहले बोर्ड ऑफ पीस की बैठक से पहले 5 अरब डॉलर की राशि की घोषणा की है.

अब वार्ता का दूसरा चरण हमास पर केंद्रित

माइक वाल्ट्ज ने कहा कि इस पहल के तहत बंधकों को रिहा किया जा चुका है. युद्धविराम लागू है और मानवीय सहायता पहुंच रही है. अब वार्ता का दूसरा चरण हमास पर केंद्रित है. वाल्ट्ज ने चेतावनी दी कि उन्हें या तो आसान तरीके से या फिर कठोर तरीके से हथियार छोड़ने होंगे.

संयुक्त राष्ट्र के स्नैपबैक प्रतिबंध अभी भी प्रभावी

ईरान पर बोलते हुए वाल्ट्ज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के स्नैपबैक प्रतिबंध अभी भी प्रभावी हैं, भले ही रूस और कुछ हद तक चीन ने आपत्ति जताई हो. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी शासन के साथ व्यापार करने वाले देश इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करेंगे. उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान की अर्थव्यवस्था के 40 से 50 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करता है और प्रतिबंधों का असर शासन की आर्थिक स्थिति पर दिख रहा है.

जहाज जब्त करने का अधिकार

ईरान के तथाकथित घोस्ट फ्लीट पर कार्रवाई को लेकर वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के तहत जहाज जब्त करने का अधिकार है. हालांकि यह मुद्दा विवादित है. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मैरिटाइम संगठन जैसे संस्थानों के माध्यम से कड़ी कार्रवाई की वकालत की. ईरान में अशांति पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सत्र में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 18 लोगों की मौत हुई है.

नागरिकों के खिलाफ व्यापक स्तर का दमन

उन्होंने इसे शासन द्वारा अपने ही नागरिकों के खिलाफ व्यापक स्तर का दमन बताया. इस बैठक में प्रमुख ईरानी असंतुष्ट मसीह अलीनेजाद भी शामिल थीं. समयसीमा पर पूछे जाने पर वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट विकल्प दिया है कि उसे यूरेनियम संवर्धन, लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और आतंकी नेटवर्क का समर्थन छोड़ना होगा.

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