भारत संग रिश्ते मजबूत कर चीन को चुनौती देने के लिए अमेरिका ने बनाई रणनीति, जानें पूरा प्लान

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Strengthen Ties With India: अमेरिकी राज्य विभाग ने 2026–2030 की अपनी रणनीतिक योजना में साफ कहा है कि 21वीं सदी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका, चीन के बढ़ते प्रभाव का कैसे जवाब देता है. इसके साथ ही एक बड़ी हिंद-प्रशांत रणनीति के हिस्से के तौर पर भारत के साथ एक गहरी, लेकिन शर्तों वाली आर्थिक साझेदारी का संकेत दिया.

अमेरिका की नीति चीन से सीधे टकराव नहीं

दरअसल अमेरिका की नीति चीन से सीधे टकराव नहीं, लेकिन कड़ा मुकाबला करने, अपने हित सुरक्षित रखने और भारत जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की है. 2026–2030 के लिए अपने एजेंसी स्ट्रेटजिक प्लान में अमेरिकी राज्य विभाग ने कहा, “चीन के उभरने पर अमेरिका कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह 21वीं सदी की कहानी तय करेगा.”

चीन तेजी से आर्थिक और सैन्य ताकत बन रहा US Strengthen Ties With India

अमेरिका मानता है कि चीन तेजी से आर्थिक और सैन्य ताकत बन रहा है. एशिया दुनिया की लगभग आधी जीडीपी का केंद्र है और जरूरी समुद्री रास्ते (सी लेन) और सप्लाई चेन भी यहीं हैं. इसलिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र अमेरिका के लिए बेहद अहम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका चीन से युद्ध या सत्ता परिवर्तन नहीं चाहता. वह बातचीत जारी रखना चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर मुकाबले के लिए भी तैयार रहेगा.

भारत को एक उभरती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बताया

योजना में भारत को एक उभरती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बताया गया है. अमेरिका भारत के साथ साझेदारी बढ़ाना चाहता है, लेकिन ऐसी शर्तों पर जो उसके अपने सुरक्षा और आर्थिक हितों के अनुकूल हों. अमेरिका हिंद-प्रशांत में ऐसा आर्थिक सिस्टम चाहता है जो बाहरी दबाव से मुक्त हो. वह उन देशों या कंपनियों पर नजर रखेगा जो तीसरे देशों के जरिए अमेरिकी टैरिफ से बचने की कोशिश करते हैं.

सहयोगी देशों के साथ सैन्य रिश्ते मजबूत करेगा अमेरिका

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने तेजी से अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई है. अमेरिका चाहता है कि क्षेत्र में ताकत का संतुलन बना रहे, ताकि व्यापार मार्ग सुरक्षित रहें. अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ आर्थिक और सैन्य रिश्ते मजबूत करेगा. इसमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साझा मंच क्वाड का जिक्र है. अमेरिका अपने उद्योगों को “गलत व्यापार तरीकों” से बचाना चाहता है और खुद को 21वीं सदी की तकनीकी और आर्थिक महाशक्ति बनाए रखना चाहता है. भारत का जिक्र करते हुए प्लान में कहा गया, “हम भारत जैसी बढ़ती क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के साथ साझेदारी की कोशिश करेंगे, लेकिन ऐसी शर्तों पर जो अमेरिका की सुरक्षा और आर्थिक रुचि को आगे बढ़ाएं और पिछली गलतियों को दोहराने से बचें.”

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