इमरान खान का PAK की न्याय व्यवस्था पर फूटा गुस्सा, पत्नी के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार पर जजों को सुनाई खरी-खोटी

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Pakistan Imran Khan: जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ईद के मौके पर अपने बेटे से बात की. बेटे से फोन पर बात करते हुए इमरान खान ने कहा कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी को पूरी तरह अलग रखा जा रहा है, जो गलत है. उन्होंने जेल में अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार पर चिंता जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की न्यायपालिका जानबूझकर जेल प्रशासन को उनकी पत्नी के साथ ऐसा करने दे रही है ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके.

जजों ने बेच दी है अपनी आत्मा

इमरान खान ने न्यायाधीशों की आलोचना करते हुए कहा है कि जजों ने अपनी आत्मा बेच दी है. इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं. वहीं उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी तोशाखाना-2 केस में 17 साल की सजा मिली है. उन्हें जनवरी, 2026 से एकांत कारावास में रखा गया है. उन्हें सिर्फ 30 मिनट के लिए हफ्ते में किसी से मिलने दिया जाता है, जो जेल प्रशासन की मर्जी पर तय होता है.

जजों को खुद पर आनी चाहिए शर्म

इमरान खान ने इसे ही लेकर कहा कि ये सब कुछ सिर्फ मुझे ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता है. इमरान खान ने लिखा कि ‘इस देश के जजों को खुद पर शर्म आनी चाहिए. उन्होंने अपनी आत्माएं बेच दी हैं सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए. उन्होंने अपना सम्मान बेच दिया है. वे जानते हैं कि वे मुझे तोड़ नहीं सकते, तो मेरी पत्नी के साथ ऐसा कर रहे हैं.’ इमरान खान ने पाकिस्तान न्याय व्यवस्था को लताड़ते हुए कहा कि उनकी पत्नी को उन्हें ब्लैकमेल करने का हथियार बना लिया है. बुशरा बीबी उनकी तीसरी पत्नी हैं और उन्हें जेल में अकेले रखा गया है.

खान की सेहत को लेकर भी चिंता

इमरान खान की पार्टी ने खान की सेहत को लेकर भी चिंता जताई है. रिपोर्ट के अनुसार, उनकी दाईं आंख की रोशनी काफी कम हो गई है और उन्हें इलाज के लिए जेल से बाहर भी ले जाया गया. उन्हें आदियाला जेल से बाहर ले जाकर उनकी दाईं आंख की रोशनी के इलाज के लिए फिर से जांच कराई गई. 73 साल के इमरान खान को सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नाम की गंभीर आंख की बीमारी बताई गई है, जैसा कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट में दी गई रिपोर्ट में कहा गया था. उनके वकील सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण हिरासत के दौरान उनकी दाईं आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी चली गई है.

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