Natural Gas Order 2026: केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाया है. 24 मार्च 2026 को जारी नए आदेश के तहत अब प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई को पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए तेजी से विस्तार दिया जाएगा. इस फैसले का उद्देश्य देशभर में ऊर्जा वितरण को अधिक सुगम और स्थिर बनाना है.
With guidance of @PMOIndia and @HardeepSPuri the Natural Gas infrastructure – PNG and CNG gets major ease of doing business reforms – witness rapid expansion of CGD network across the country – a crisis turned into an opportunity @gailindia @PNGRB_ pic.twitter.com/btcnKrDt6j
— Neeraj Mittal IAS (@neerajmittalias) March 24, 2026
आदेश लाने की वजह क्या है
सरकार का मानना है कि पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं तक प्राकृतिक गैस पहुंचाने से एलपीजी पर निर्भरता कम होगी. इससे उन क्षेत्रों में एलपीजी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी, जहां अभी पाइपलाइन नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है. हालांकि, अब तक पाइपलाइन विस्तार में कई चुनौतियां सामने आती रही हैं, जैसे अलग-अलग विभागों से मंजूरी में देरी, जमीन से जुड़े विवाद, ऊंचे शुल्क और स्थानीय स्तर पर विरोध.
वैश्विक हालात ने बढ़ाई जरूरत
हाल के समय में खाड़ी क्षेत्र से गैस सप्लाई में बाधाएं देखी गई हैं. खासकर होरमुज़ जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण भारत को एलएनजी आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना है. ऐसे में सरकार ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और मजबूत वितरण व्यवस्था पर जोर दे रही है, ताकि भविष्य में किसी भी संकट से निपटा जा सके.
नया आदेश क्या कहता है
सरकार ने “Natural Gas and Petroleum Products Distribution (Through Laying, Building, Operation and Expansion of Pipelines and Other Facilities) Order, 2026” लागू किया है. इसके तहत पाइपलाइन बिछाने और उसके विस्तार को लेकर स्पष्ट और एकसमान नियम तय किए गए हैं, जिससे प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जा सके.
क्या होंगे इसके प्रमुख प्रावधान
इस नए आदेश के अनुसार, जिन संस्थाओं या व्यक्तियों के पास जमीन या किसी क्षेत्र पर अधिकार है, उन्हें अधिकृत कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने की अनुमति देनी होगी. साथ ही, अधिकृत कंपनियों को तय समय सीमा के भीतर पाइपलाइन निर्माण और विस्तार का अधिकार मिलेगा.
इसके अलावा, जमीन से जुड़े अधिकार, मंजूरी में देरी और ऊंचे शुल्क जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए एक समान ढांचा लागू किया जाएगा, जिससे परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके.
देशभर में गैस नेटवर्क को मिलेगा बढ़ावा
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य देशभर में पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना है, ताकि प्राकृतिक गैस का उपयोग बढ़े और एलपीजी पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो. सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से ऊर्जा वितरण प्रणाली मजबूत होगी, लागत में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी.
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