Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं. दरअसल, आप ने राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने का फैसला किया है, जिसका बाद सासंद का पहला रिएक्शन सामने आया है. राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने पार्टी को लेकर कई सवाल उठाए हैं.
खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है. हाल ही में पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा में उपनेता (डिप्टी लीडर) पद से हटाए जाने के बाद यह बयान और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2022 से 2028 तक है. उन्होंने अपने संदेश में कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं.” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह आम आदमी के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
Silenced, not defeated
My message to the ‘aam aadmi’
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खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ‘आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया है Raghav Chadha
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में चड्ढा ने बताया कि उन्होंने हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा हो, या फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे स्विग्गी और जोमैटो के डिलीवरी कर्मचारियों से जुड़ी समस्याएं- इन सभी विषयों को उन्होंने गंभीरता से उठाया. इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में आ रही दिक्कतें और टोल प्लाजा पर आम लोगों को हो रही परेशानियों को भी उन्होंने संसद में बार-बार उठाया.
आप पर लगाए आरोप
राघव चड्ढा का आरोप है कि अब उनकी ही पार्टी उन्हें इन मुद्दों को उठाने से रोक रही है. उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि आम आदमी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आखिर क्यों जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. उनका यह भी दावा है कि पार्टी की ओर से संसद में निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सवाल उठाने का मौका न दिया जाए और बोलने से रोका जाए. राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है. ‘आप’ के भीतर यह घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक मतभेदों की ओर इशारा कर रहा है. हालांकि, इस मामले में पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

