Kakoli Ghosh Resigns: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC सांसद काकोली घोष का सभी पदों से इस्तीफा

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Kakoli Ghosh Resigns: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी को बड़ा झटका लगा है. बुधवार को सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है.

बारासात से टीएमसी सांसद ने महिला तृणमूल विंग की अध्यक्ष और अन्य पदों से इस्तीफा दिया है. हालांकि, वह सांसद के तौर पर अपना काम जारी रखेंगी. सांसद ने कहा कि वह “गहरे मानसिक द्वंद्व और लंबे विचार-विमर्श” के बाद पद छोड़ रही हैं. उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा जाहिर की थी.

काकोली घोष ने जारी किया बयान 

उन्होंने कहा, “मेरे कार्यकाल के दौरान एक अन्य पढ़ी-लिखी महिला सांसद के अन्य महिला सांसदों के प्रति अनुचित व्यवहार को रोक पाना संभव नहीं हो पाया और न ही उच्च नेतृत्व से पर्याप्त सहयोग या सहानुभूति मिली. ऐसी स्थिति में बने रहने का अब कोई अर्थ नहीं रह गया है. पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोपों और घटनाओं ने मेरी अंतरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है. राशन वितरण में भ्रष्टाचार, शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार और विभिन्न वित्तीय तथा प्रशासनिक अनियमितताओं ने आम लोगों के मन में गहरा गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है.”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की अस्वाभाविक मृत्यु और उस घटना से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों ने समाज को हिलाकर रख दिया है और उसे व्यथित कर दिया है. मैंने व्यक्तिगत रूप से इन घटनाओं के नैतिक प्रभाव को बहुत गहराई से महसूस किया है.”

काकोली घोष ने कहा, “इसी तरह, I-PAC (IPAC) से जुड़े कई परेशान करने वाले आरोप ने मुझे लगातार परेशान किया है. मेरा मानना है कि यदि लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के बजाय अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक प्रभाव धीरे-धीरे संगठन पर हावी हो जाते हैं तो इसे पार्टी के आदर्शों और परंपराओं के लिए हितकारी नहीं माना जा सकता.”

उन्होंने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत शिकायत या मनमुटाव के कारण नहीं लिया गया है. बल्कि मैं यह निर्णय पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए ले रही हूं. हालांकि, मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूं. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में मैं लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने के अपने संकल्प पर कायम रहूंगी.”

शुवेंदु अधिकारी की बैठक में भी हुईं थी शामिल

काकोली घोष द्वारा यह कदम तब उठाया गया, जब बनर्जी ने दस्तीदार को टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह अहम जिम्मेदारी वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को सौंप दी. इससे पहले मंगलवार को काकोली ने छह अन्य विधायकों के साथ कल्याणी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था.

इस बैठक में बारासात सांसद के अलावा देगंगा के टीएमसी विधायक अनिसुर रहमान विश्वास, स्वरूपनगर की बीना मंडल, हरोआ के मोहम्मद अब्दुल मतीन और बशीरहाट क्षेत्र के तीन और विधायक ने भी भाग लिया था.

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