सारी रात घर में Wi-Fi चलने से हो सकता है कैंसर? रेडिएशन से इंसानों में पहुंचती है यह गंभीर बीमारी, जानिए पूरा सच!

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Health Tips: Wi-Fi हमारी रोज़मर्रा की ज़रूरत बन गया है. लेकिन इसके साथ-साथ सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं. क्या Wi-Fi रेडिएशन के लगातार संपर्क में रहने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है या इससे लंबे समय तक चलने वाली स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं? हालांकि, मौजूदा वैज्ञानिक सबूत इस दावे का समर्थन नहीं करते कि Wi-Fi रेडिएशन से इंसानों में कैंसर होता है.

सीधा Wi-Fi का असर नहीं

स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले बड़े संगठनों ने उपलब्ध अध्ययनों की समीक्षा करने के बाद पाया है कि Wi-Fi के संपर्क में आने और कैंसर के बढ़ते जोखिम के बीच कोई लगातार संबंध नहीं है. कुछ लोगों को Wi-Fi के आस-पास सिरदर्द, नींद में परेशानी और थकान महसूस हो सकती है, लेकिन यह अक्सर सीधा Wi-Fi का असर नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल फैक्टर्स होते हैं.

रात में बंद कर सकते हैं Wi-Fi 

जैसे देर रात मोबाइल/स्क्रीन यूज़ करना, स्ट्रेस, अनियमित नींद. अगर लगातार इस तरह की दिक्कत आ रही है तो रात में Wi-Fi बंद कर सकते हैं. पर ध्यान रखें सिर्फ Wi-Fi बंद करने से ही नींद या दिमाग की समस्या ठीक नहीं होती, असली कारण अक्सर दिनचर्या होती है. सोने से 1 घंटा पहले स्क्रीन (मोबाइल/लैपटॉप) बंद करें, बेडरूम को गैजेट-फ्री बनाने की कोशिश करें.

सेहत को कोई गंभीर खतरा नहीं

नियमित स्लीप शेड्यूल फॉलो करें, स्ट्रेस कम करने के लिए रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं. मौजूदा वैज्ञानिक सबूतों से पता चलता है कि Wi-Fi रेडिएशन से कैंसर नहीं होता है और आम इस्तेमाल में इससे सेहत को कोई गंभीर खतरा नहीं होता. ज़्यादातर डर रेडिएशन के प्रकारों को लेकर गलतफहमी की वजह से होते हैं, न कि किसी साबित नुकसान की वजह से.

सीधे तौर पर नहीं पहुंचातीं नुकसान 

न्यूरोलॉजिस्ट्स बताते हैं कि Wi-Fi कम ऊर्जा वाली रेडियोफ़्रीक्वेंसी (RF) तरंगों का इस्तेमाल करता है, जो DNA को सीधे तौर पर नुकसान नहीं पहुंचातीं. नुकसान पहुंचाने वाले रेडिएशन के प्रकारों के विपरीत, इन तरंगों में जेनेटिक मटीरियल को बदलने या म्यूटेशन पैदा करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती. Wi-Fi सिग्नल मोबाइल नेटवर्क की तरह ही होते हैं, लेकिन उनसे भी कम पावरफुल.

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