New Delhi: अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजराइल के बीच मंगलवार से प्रत्यक्ष वार्ता शुरू होगी. हालांकि हिजबुल्ला ने अभी तक इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे असमजंस की स्थिति बनी हुई है. बेरूत से जोसेफ औन ने यह घोषणा की है. यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच पिछले 40 दिनों से भीषण संघर्ष जारी है. बेरूत में जोसेफ औन ने कहा है कि लेबनान और इजराइल के बीच मंगलवार से सीधी बातचीत शुरू होगी.
लंबे समय से तनाव और संघर्ष
यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव और संघर्ष चल रहा है. यह वार्ता संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में होगी. हाल ही में अमेरिका में दोनों देशों के राजदूतों ने बैठक की, जिसमें इस बातचीत की शर्तों पर चर्चा की गई. उम्मीद है कि यह वार्ता वाशिंगटन में होगी. पिछले 40 दिनों में संघर्ष के कारण लेबनान में भारी तबाही हुई है.
1,900 से ज्यादा लोगों की मौत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1,900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. इसी वजह से अब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा और दोनों देशों ने बातचीत का रास्ता चुना. लेबनान का बड़ा सशस्त्र समूह हिजबुल्ला पहले से ही इजराइल के साथ सीधी बातचीत का विरोध करता रहा है. हालांकि इस बार उसने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे स्थिति थोड़ी अनिश्चित बनी हुई है.
भरोसे की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती
इजराइल ने भी लेबनान के अनुरोध के बाद इस वार्ता के लिए मंजूरी दे दी है, लेकिन उसने अभी तक ज्यादा सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है. कुल मिलाकर यह वार्ता शांति की दिशा में एक अहम कदम हो सकती है, लेकिन इसकी सफलता कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.
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