Hormuz News: अमेरिका-ईरान सीजफायर के बीच होर्मुज की नाकेबंदी हो चुकी है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी पोर्ट से गुजरने वाले जहाजों पर पहरा लगा दिया है. अमेरिका खतरनाक हथियारों से लैस 15 वॉरशिप तैनात कर चुका है. ऐसे में अब होर्मुज से तेल-गैसे के जहाज के निकलने पर संकट गहरा गया है. इस बीच चीन ने अपने प्रतिबंधित जहाज को होर्मुज का सीना चीरकर निकाल लाया है. आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद अमेरिकी प्रतिबंधित चीनी टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुका है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शिपिंग डेटा से पता चला है कि आज यानी मंगलवार को एक चीनी टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गया. इस चीनी जहाज पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया हुआ है. यह सब तब हुआ, जब अमेरिका ने इस अहम समुद्री रास्ते पर नाकेबंदी कर रखी थी. होर्मुज पार करने वाले इस चीनी जहाज का नाम रिच स्टैरी है.
नाकेबंदी के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला जहाज
दरअसल, LSEG, Marine Traffic और Kpler के डेटा के अनुसार, रिच स्टैरी (Rich Starry) नाकेबंदी शुरू होने के बाद इस होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला और खाड़ी से बाहर निकलने वाला पहला जहाज है. इस टैंकर और इसके मालिक Shanghai Xuanrun Shipping Co Ltd पर अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने के आरोप में प्रतिबंध लगाया था.
डेटा के मुताबिक, चीनी जहाज रिच स्टैरी एक मध्यम-श्रेणी का टैंकर है. इसमें लगभग 250,000 बैरल मेथनॉल लदा हुआ है. डेटा से यह भी पता चला है कि इस चीनी-स्वामित्व वाले इस टैंकर पर चीनी क्रू मौजूद हैं. LSEG के डेटा के मुताबिक, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित एक और टैंकर मुरलीकिशन (Murlikishan) भी मंगलवार को इस होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ा. केपलर (Kpler) के डेटा से पता चला है कि इस खाली ‘हैंडीसाइज’ टैंकर के 16 अप्रैल को इराक में ईंधन तेल लोड करने की उम्मीद है. इस जहाज को पहले MKA के नाम से जाना जाता था. अब यह रूसी और ईरानी तेल का परिवहन कर चुका है.
वापस हुआ था चीनी जहाज
इससे पहले नाकेबंदी लागू होने के तत्काल बाद चीनी जहाज रिच स्टैरी ईरान के केश्म द्वीप के पास संकरे रास्ते तक पहुंचा, लेकिन कुछ घंटे बाद अपनी यात्रा फिर से शुरू करने से पहले वापस लौट गया. मालूम हो कि अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज नाकेबंदी का ऐलान किया. उसने साफ चेताया है कि ईरानी पोर्ट से गुजरने वाले सभी जहाजों को अमेरिका टारगेट करेगा. बता दें कि 28 फरवरी को ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध शुरू हुआ था. अभी 15 दिनों का सीजफायर है और शांति वार्ता जारी है.

