भारतीय शेयर बाजार में लंबी अवधि का दम: 20 साल में 11-12% सालाना रिटर्न, निवेशकों की बढ़ी संपत्ति

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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India Stock Market Returns: भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि यह निवेशकों के लिए लंबे समय में संपत्ति बनाने का मजबूत माध्यम है. मंगलवार को जारी फंड्सइंडिया वेल्थ कन्वर्सेशन रिपोर्ट के अनुसार, बीते 20 वर्षों में इक्विटी बाजार ने 11-12 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से रिटर्न दिया है. इस दौरान प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 ने करीब 8 गुना तक का रिटर्न दिया, जो बाजार की मजबूती को दर्शाता है.

तीन दशकों में 80 गुना तक का रिटर्न

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 1990 से अब तक इक्विटी निवेश ने लगभग 80 गुना तक का रिटर्न दिया है. यह औसतन करीब 13 प्रतिशत सालाना वृद्धि को दर्शाता है. यह आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि समय के साथ निवेश बनाए रखने से निवेशकों को बड़ा लाभ मिला है.

बाजार में टिके रहना ज्यादा जरूरी

रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार में समय बिताना, बाजार का सही समय चुनने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है. इतिहास बताता है कि हर बड़े संकट के बाद बाजार में सुधार हुआ है और लंबे समय में निवेशकों को अच्छा लाभ मिला है. इसलिए निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए.

उतार-चढ़ाव सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का स्वाभाविक हिस्सा है. ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो लगभग हर वर्ष बाजार में 10 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जाती है, लेकिन इसके बावजूद लगभग 80 प्रतिशत वर्षों का अंत सकारात्मक रिटर्न के साथ होता है. यह दर्शाता है कि गिरावट अक्सर अस्थायी होती है और लंबे समय में बाजार फिर से ऊपर जाता है.

बड़ी गिरावट के बाद मजबूत वापसी

रिपोर्ट में बताया गया है कि हर 7 से 10 वर्षों में एक बार 30 से 60 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट आती है. हालांकि, इसके बाद आमतौर पर 1 से 3 वर्षों के भीतर बाजार में सुधार होता है और फिर तेजी देखने को मिलती है. यह निवेश में बने रहने के महत्व को और मजबूत करता है.

मध्यम और छोटे शेयरों ने दिया ज्यादा लाभ

रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय में मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों के शेयरों ने बड़े शेयरों की तुलना में अधिक रिटर्न दिया है. मध्यम श्रेणी के शेयरों ने पिछले 20 वर्षों में करीब 14 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से रिटर्न दिया है. हालांकि, इनमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है, इसलिए संतुलित निवेश जरूरी माना गया है.

लंबे निवेश से बढ़ती है सफलता की संभावना

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि निवेश की अवधि जितनी लंबी होती है, उतना बेहतर परिणाम मिलता है. 7 वर्षों से अधिक समय तक शेयर बाजार में निवेश करने पर दोहरे अंकों के रिटर्न की संभावना काफी बढ़ जाती है. कई मामलों में इस अवधि में नकारात्मक रिटर्न देखने को नहीं मिला है, जो दीर्घकालिक निवेश की ताकत को दर्शाता है.

अन्य निवेश विकल्पों से बेहतर प्रदर्शन

रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय में शेयर बाजार ने महंगाई, कर्ज, सोना और जमीन-जायदाद जैसे अन्य निवेश विकल्पों से बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि, जमीन-जायदाद ने अपेक्षाकृत स्थिर रहते हुए 7-8 प्रतिशत का मध्यम रिटर्न दिया है, जो यह बताता है कि निवेश में विविधता रखना जरूरी है.

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