Strait of Hormuz Crisis: ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल मचा दी है. इस अहम समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सुबह 10:40 बजे के आसपास ब्रेंट क्रूड 5.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 95.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 6.11 प्रतिशत बढ़कर 87.63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. यह तेजी सीधे तौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ी मानी जा रही है.
एमसीएक्स पर भी दिखा असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ घरेलू बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दिया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल के दामों में तेज उछाल दर्ज किया गया. 18 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 6.64 प्रतिशत बढ़कर 8,175 रुपए तक पहुंच गई. यह संकेत है कि वैश्विक स्तर पर हो रहे घटनाक्रम का असर सीधे भारतीय बाजारों पर भी पड़ रहा है.
क्यों बढ़ीं कीमतें
तेल की कीमतों में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करना है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ईरान ने इस कदम के साथ ही नाविकों को सख्त चेतावनी दी है कि बिना अनुमति इस जलमार्ग को पार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इससे वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है.
अमेरिका और ईरान आमने-सामने
इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि तेहरान इस जलमार्ग को बंद करके अमेरिका पर दबाव नहीं बना सकता. वहीं, ईरान ने अपने कदम को अमेरिकी नाकाबंदी के जवाब के रूप में बताया है और इसे युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया है. देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी सख्त बयान देते हुए कहा कि ईरान की नौसेना किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है.
अमेरिका द्वारा ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त किए जाने के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. तेहरान ने इसके जवाब में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका और गहरा गई है.
भारतीय बाजार में गिरावट, एशियाई बाजारों में मजबूती
वैश्विक अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल नजर आया. हालांकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला.
जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1% तक की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए. वहीं अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 में 1.2% तऔर नैस्डैक में 1.52% तकी बढ़त दर्ज की गई.
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