India Vietnam Relations: तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने आज हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. राष्ट्रपति भवन परिसर में उनका औपचारिक स्वागत किया गया. भारत दौरे पर आए वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने बुधवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल जब भारत से पवित्र बौद्ध अवशेष वियतनाम भेजे गए, तो डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने उनके दर्शन किए थे. हम चंपा संभ्यता की पांडुलिपियों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखेंगे और इस अमूल्य विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखेंगे.
उन्होंने कहा कि एक दशक पहले वियतनाम की मेरी यात्रा के दौरान वियतनाम आसियान में भारत का पहला ‘व्यापक रणनीतिक साझेदार’ बना था. तब से हमारे संबंधों और हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है. सभ्यताओं के साथ-साथ हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के संबंध भी मजबूत हुए हैं. इसी मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए आज हम अपने संबंधों को ‘आधुनिक व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जा रहे हैं. पिछले एक दशक में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
इसके अलावा, उन्होंने अपने भारत दौरे की शुरुआत बोधगया से की. यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है. उनके इस दौरे और हमारी सार्थक चर्चाओं के माध्यम से हम अपनी आपसी सद्भावना को ठोस नतीजों में बदल रहे हैं. भारत और वियतनाम के बीच साझेदारी में विरासत और विकास, दोनों ही अहम हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे भारत में राष्ट्रपति तो लाम का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है. एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और कई व्यापारिक दिग्गजों के साथ उनका भारत दौरा स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वह भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति लाम के साथ बैठक की. इससे पहले दिन में राष्ट्रपति भवन के परिसर में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जिससे उनके भारत के पहले राजकीय दौरे की शुरुआत हुई.
वियतनाम के राष्ट्रपति का स्वागत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. यह दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है. स्वागत समारोह में बच्चों ने पारंपरिक पोशाक पहनकर भारत और वियतनाम के राष्ट्रीय ध्वज लहराए.
सबसे पहले बोधगया गए राष्ट्रपति लाम
राष्ट्रपति तो लाम मंगलवार को भारत पहुंचे और सबसे पहले बोधगया गए, जहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा की. बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वह दिल्ली आए, जहां हवाई अड्डे पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उनका स्वागत किया.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति तो लाम के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने वाली है, जिसमें दोनों देशों के संबंध, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे शामिल हैं. राष्ट्रपति मुर्मू भी उनसे अलग से मुलाकात करेंगी. इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनसे मिलेंगे.
बैठकों से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात की. इस दौरान और दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी पर चर्चा हुई.
विदेश मंत्रालय ने लाम के दौरे पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा खास है, क्योंकि भारत और वियतनाम अपनी रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे कर रहे हैं. तो लाम 7 मई तक भारत में रहेंगे. वह वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव भी हैं.
अपने दौरे के दौरान वह मुंबई भी जाएंगे, जहां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में एक बिजनेस कार्यक्रम में शामिल होंगे और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे. भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, जो अब मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं.

