बंगाल में BJP की जीत से बांग्लादेश की बढ़ी चिंता, घुसपैठियों को वापस भेजने की तैयारी, जान लें क्या है प्लान?

Must Read

New Delhi: पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद भारत में रह रहे घुसपैठियों को लेकर बांग्लादेश की चिंता बढ गई है. इसी बीच नई दिल्ली ने घुसपैठ नीति को लेकर ढाका को एक नया संदेश दिया है. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि भारत में रह रहे घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा. यह प्रक्रिया जारी रहेगी और इसमें बांग्लादेश को भी सहयोग करना होगा.

वापस भेजने की कार्रवाई

उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा. बेशक, सभी पहलुओं की जांच के बाद ही उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी. पिछले दिनों बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इसकी आशंका व्यक्त की थी. पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने भारत द्वारा घुसपैठियों को वापस भेजने की आशंका जताई थी.

घुसपैठियों को भेजे जाने पर संदेह

उन्होंने भारत से बांग्लादेश में घुसपैठियों को भेजे जाने पर संदेह व्यक्त किया. उन्होंने आशा जताई कि ऐसी कोई घटना नहीं होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारत से बांग्लादेश में घुसपैठियों को भेजा जाता है तो ढाका भी कड़ी कार्रवाई करेगा. उनके इस बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी अपनी बात रखी. रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमें कई टिप्पणियां मिली हैं.

बांग्लादेश का सहयोग आवश्यक

इन टिप्पणियों को भारत से अवैध बांग्लादेशियों के निर्वासन के मुख्य मुद्दे के संदर्भ में देखा जाना चाहिए और इसके लिए बांग्लादेश का सहयोग आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में 2,860 से अधिक नागरिकता सत्यापन आवेदन लंबित हैं. इनमें से कई आवेदन पांच साल से अधिक समय से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. इस मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि बांग्लादेश नागरिकता सत्यापन प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करेगा, ताकि घुसपैठियों का निर्वासन सुचारू रूप से हो सके.

एक और मुद्दे पर चर्चा शुरू

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद एक और मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है. तीस्ता जल संधि. बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी बीएनपी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी की सरकार के कारण भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल संधि अटकी हुई है. इस संबंध में बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने बताया कि ममता बनर्जी ने तीस्ता जल संधि के रास्ते में बाधा डाली. इस बार भाजपा सरकार नरेंद्र मोदी सरकार के साथ मिलकर काम कर सकती है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और बांग्लादेश इस मुद्दे पर जल्द ही बातचीत करेंगे.

इसे भी पढ़ें. बंगाल में विधानसभा भंग होने के बावजूद अड़ी हैं ममता बनर्जी, सोशल मीडिया प्रोफाइल में ‘मुख्यमंत्री’ का टैग बरकरार

Latest News

Apara Ekadashi 2026: यहां पढ़ें अपरा एकादशी व्रत कथा, सभी पापों का होगा नाश

Apara Ekadashi 2026: अपरा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है. इस दिन विष्णु जी और मां लक्ष्मी की...

More Articles Like This