Rubio Met PM Modi: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं. उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा संबंधों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई. अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया. इससे पहले रूबियो शनिवार को पहले कोलकाता पहुंचे फिर दिल्ली के लिए रवाना हुए थे.
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा…
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्हाइट हाउस आने का औपचारिक आमंत्रण दिया है. उन्होंने बताया कि यह निमंत्रण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से विदेश मंत्री मार्को रूबियो के माध्यम से भेजा गया है. सर्जियो गोर के मुताबिक, पीएम मोदी और मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत काफी सकारात्मक और रचनात्मक रही. इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई.
Happy to receive the US Secretary of State, Mr. Marco Rubio.
We discussed sustained progress in the India-US Comprehensive Global Strategic Partnership and issues related to regional and global peace and security.
India and the United States will continue to work closely for… pic.twitter.com/CuD0DdDXB7
— Narendra Modi (@narendramodi) May 23, 2026
कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे रुबियो
राजधानी दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह अमेरिकी दूतावास सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा आयोजित रूजवेल्ट हाउस रिसेप्शन में भी शामिल होंगे.
एस. जयशंकर के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता
मार्को रुबियो रविवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक और जन-जन के संबंधों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा रहेंगे.
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत 26 मई को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा. इस बैठक में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह बैठक एक स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस बैठक को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.

