Amit Shah: देश में घुसपैठ को रोकने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है. गृह मंत्रालय ने डेमोग्राफी चेंज पर हाई लेवल कमेटी का गठन कर दिया, जो घुसपैठ से जुड़े मामलों की जांच करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को इस कमेटी के बारे में जिक्र किया था, जिसका गठन अब कर दिया गया है.
इस बात की जानकारी एक्स के माध्यम से गृहमंत्री अमित शाह ने दी है. इस कमेटी का गठन पूर्व न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में किया गया है. दरअसल, यह कमेटी देश में हो रहे अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का मूल्यांकन करने में मदद करेगी. शाह ने कहा कि घुसपैठ भारत के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है.
अमित शाह ने क्या कहा?
मंगलवार को अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कमेटी की घोषणा की थी. मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमेटी का गठन कर लिया है.
घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने ‘High-Level Committee on Demographic Change’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष…
— Amit Shah (@AmitShah) May 26, 2026
इस कमेटी का कौन-कौन होगा सदस्य?
शाह ने अपने पोस्ट में बताया कि जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे. संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे.
पहला डिटेंशन सेंटर बना बंगाल में
घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिए पश्चिम बंगाल में एक्शन भी शुरू हो गया है. पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जा रही है और उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा है. सीएम सुवेंदु अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं. राज्य के मालदा में पहला डिटेंशन सेंटर खोला गया है, जहां पर 12 बांग्लादेशियों को रखा गया है. बताया जा रहा है कि डिटेक्टेड डिफॉल्ट होल्डिंग सेंटर के निर्देश सामने आने के बाद बड़ी संख्या में सीमा पर बांग्लादेशी लौट रहे हैं.

