Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते के करीब पहुंच गए हैं. संभावित समझौते में ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और उसके उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को समाप्त किया जाएगा. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि समझौता होने पर अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी में राहत देगा और Strait of Hormuz में जहाजों से टोल वसूली का विवाद भी समाप्त हो सकता है.
ट्रंप के दावों से साफ इंकार
हालांकि तेहरान ने ट्रंप के दावों से साफ इंकार कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं चल रही है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने भी दावा किया कि मौजूदा मसौदे में यूरेनियम भंडार नष्ट करने जैसी कोई शर्त शामिल नहीं है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने कहा कि ईरान केवल ठोस कार्रवाई पर भरोसा करेगा, अमेरिकी बयानों पर नहीं.
युद्धविराम विस्तार की चर्चा
एक तरफ अरबों डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज और युद्धविराम विस्तार की चर्चा है, दूसरी तरफ परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान मोर्चे पर गंभीर मतभेद जारी हैं. ऐसे में ट्रंप प्रशासन की आगामी घोषणा यह तय कर सकती है कि मध्य पूर्व शांति की ओर बढ़ेगा या फिर एक नए सैन्य टकराव की ओर. इसी बीच ट्रंप ने पुष्टि की है कि वह व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक कर रहे हैं, जहां ईरान समझौते पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
60 दिनों के लिए बढ़ सकता है युद्धविराम
प्रस्तावित समझौता वर्तमान युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ा सकता है, जिससे स्थायी शांति समझौते के लिए अतिरिक्त समय मिल सके. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला वार्ता में कहा कि यदि वार्ता विफल रही तो अमेरिका फिर से सैन्य अभियान शुरू करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार, मिसाइलें और सैन्य संसाधन हैं तथा उसका रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा रहा है.
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