हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के सीएमडी (CMD) उपेन्द्र राय अपने गृह जनपद गाजीपुर आए. गाजीपुर प्रेस क्लब द्वारा होटल ग्रैंड पैलेस में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें ‘पत्रकारिता शिखर सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और देश निर्माण का एक सशक्त माध्यम है. अपने गृह जनपद में आज यह सम्मान पाकर मैं अत्यंत भावुक हूं. गाजीपुर की मिट्टी ने मुझे हमेशा सच के साथ खड़े रहने की प्रेरणा दी है और भारत एक्सप्रेस का भी यही संकल्प है कि हम बिना किसी डर के जनता की आवाज को उठाते रहें.”
भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने पत्रकारिता के कर्तव्य और मूल्यों पर बोलते हुए कहा—अपने बचपन में स्कूल में पढ़ी वह प्रार्थना ‘वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावे’ आज भी मेरे मन-मानस में गूंजती है. पत्रकारिता के क्षेत्र में भी हमारा यही प्रयास रहता है कि हम हमेशा अपने कर्तव्य मार्ग पर अडिग रहें.
लोकतंत्र में प्रेस की भूमिका पर उन्होंने कहा— जब कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका एक हो जाएं, तो व्यवस्था को सही रखने के लिए एक चौथी आंख की जरूरत होती है. यही कारण है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रेस को चौथे स्तंभ का दर्जा दिया गया है.
गाजीपुर पहुंचने पर भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय का वहां पत्रकारों, विद्वानों और गणमान्य नागरिकों ने जोरदार स्वागत किया. इस भव्य समारोह में जिले के तमाम पत्रकार और बुद्धिजीवी एकजुट हुए. कार्यक्रम में केवल जीवित पत्रकारों का ही सम्मान नहीं हुआ, बल्कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में आयोजित इस ‘पत्रकारिता शिखर सम्मान 2026’ के अवसर पर होटल ग्रैंड पैलेस में दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया. इस संवेदनशील पहल की वहां मौजूद सभी लोगों ने खूब सराहना की.
पत्रकारिता में CMD उपेन्द्र राय को हुए 29 साल
आज हिंदी पत्रकारिता अपने गौरवशाली इतिहास के 200 साल पूरे करने की ओर अग्रसर है. इस लंबे सफर में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेन्द्र राय ने अपनी जिंदगी के 29 साल हिंदी पत्रकारिता को समर्पित किए हैं. इन 29 वर्षों में उन्होंने देश के कई बड़े मीडिया घरानों में शीर्ष पदों पर काम किया और हमेशा मूल्यों की पत्रकारिता को बढ़ावा दिया. आज उनके इसी अथक योगदान और सत्यनिष्ठा को देखते हुए गाजीपुर प्रेस क्लब ने उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है. इस कार्यक्रम की तस्वीरें आप सोशल मीडिया पर देख सकते हैं.
हिंदी पत्रकारिता दिवस का गौरवशाली इतिहास
भारत में हर साल 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है. यह दिन देश के पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन की याद दिलाता है. इस अखबार की शुरुआत 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा की गई थी. ‘उदन्त मार्तण्ड’ का अर्थ है— ‘समाचार सूर्य’ या ‘उदय होता समाचारों का सूर्य’, जिसे कोलकाता से हर मंगलवार को निकाला जाता था. कानपुर के रहने वाले वकील पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने ब्रिटिश शासन के दौरान हिंदी भाषियों को अपनी आवाज देने के लिए इसे शुरू किया था. हालांकि, आर्थिक तंगी और डाक शुल्कों में रियायत न मिलने के कारण यह अखबार 4 दिसंबर 1827 को बंद हो गया, लेकिन इसने देश में जन-जागरण की जो अलख जगाई, वह आज भी जारी है.
पत्रकारिता से लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प
गाजीपुर में हुए इस समारोह में बताया गया कि 30 मई के हिंदी पत्रकारिता दिवस के अलावा, देश में प्रेस की स्वतंत्रता को सम्मान देने के लिए हर साल 17 नवंबर को राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस भी मनाया जाता है. इन दिवसों का उद्देश्य उन सभी पत्रकारों के संघर्ष और साहस को याद करना है, जो समाज को जागरूक रखते हैं. गाजीपुर के समारोह ने एक बार फिर साबित किया कि पत्रकारिता आज भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और देश के मूल्यों को मजबूत करने का काम पूरी निष्ठा के साथ कर रही है.
समारोह की झलकियां




