France: फ्रांस की राजधानी पेरिस दंगों के मैदान में तब्दील हो गई. यूरोपीय फुटबॉल महाकुंभ यानी Champions League के फाइनल में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की खिताबी जीत के बाद जश्न मना रहे फुटबॉल प्रशंसकों (Fans) और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं. इस इस झड़प में कई पुलिस अधिकारी घायल हो गये. उपद्रव को शांत करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक इस मामले में अब तक 416 हुड़दंगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
आतिशबाज़ी और फ्लेयर्स जलाए
राजधानी पेरिस में बस, ट्रेन और रेल सेवाओं को बाधित करने वाली अशांति को रोकने के लिए हज़ारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. आतिशबाज़ी और फ्लेयर्स जलाए गए. शहर के बीचों-बीच भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. जहां पीएसजी ने लगातार दूसरी खिताब जीती थी, वहीं यह लगातार दूसरा साल भी था, जब फुटबॉल की वजह से हिंसा भड़की.
छह वाहन, दो दुकानें और एक बस स्टॉप क्षतिग्रस्त
इससे पहले 2025 में फ्रांसीसी टीम की जीत के बाद हुए जश्न ने हिंसक रूप ले लिया था. सोशल मीडिया में प्रसारित तस्वीरों में पेरिस में सड़कों पर इलेक्ट्रिक बाइक जलती हुई और जश्न मनाने वालों को एक दुकान के शीशे तोड़ते हुए देखा जा सकता है. पुलिस ने बताया कि इस अशांति के दौरान छह वाहन, दो दुकानें और एक बस स्टॉप क्षतिग्रस्त हो गए. फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि रविवार तड़के 416 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पेरिस के 280 लोग शामिल हैं.
सात अधिकारी घायल
गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने कहा कि सात अधिकारी घायल हुए हैं और उन्होंने इस अशांति को बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं बताया. दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने सोशल मीडिया एक पर लिखा, सिर्फ फ्रांस में ही किसी फुटबॉल क्लब की जीत दंगे भड़का देती है. उन्होंने कहा, सिर्फ फ्रांस में ही जीत की शाम को हर किसी को हिंसा का शिकार होने से बचने के लिए अपने घरों में बंद रहने पर मजबूर होना पड़ता है. पिछले साल पीएसजी की यूरोपीय चैंपियनशिप जीत के बाद हुई झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक 17 वर्षीय लड़का भी शामिल था.
इसे भी पढ़ें. सिर्फ ईरान की अनुमति से होगी होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही, अमेरिकी दखल पर होगी कार्रवाई

