Indian-Origin Aman Sanger: भारतीय मूल के युवा उद्यमी अमन सांगर एक बार फिर वैश्विक टेक जगत में चर्चा का केंद्र बन गए हैं. एलन मस्क की स्पेसएक्स द्वारा एआई-आधारित कोडिंग प्लेटफॉर्म कर्सर (Cursor) की मूल कंपनी एनीस्फीयर इंक (Anysphere Inc.) के अधिग्रहण की घोषणा के बाद अमन सांगर की अनुमानित संपत्ति करीब 5.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है. महज 25 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने दुनिया के सफल युवा टेक उद्यमियों की सूची में अपनी जगह मजबूत कर ली है.
60 अरब डॉलर में हुआ ऐतिहासिक सौदा
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेसएक्स ने एनीस्फीयर इंक का अधिग्रहण करने के लिए 60 अरब डॉलर के शेयर खरीदने का समझौता किया है. यह सौदा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंडस्ट्री के सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है. इस डील के बाद कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) अमन सांगर की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है. टेक जगत में इस सौदे को एआई आधारित कोडिंग टूल्स के भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.
MIT छोड़कर शुरू किया था स्टार्टअप
अमन सांगर ने वर्ष 2022 में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) की पढ़ाई बीच में छोड़कर अपने तीन सहपाठियों के साथ एनीस्फीयर की स्थापना की थी. यही कंपनी आगे चलकर लोकप्रिय एआई कोडिंग प्लेटफॉर्म कर्सर के रूप में विकसित हुई. वर्तमान में अमन सांगर कंपनी में मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) की भूमिका निभा रहे हैं. लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उनका लक्ष्य सॉफ्टवेयर निर्माण की सभी बाधाओं को समाप्त करना है, ताकि डेवलपर्स अधिक तेजी और दक्षता के साथ उत्पाद तैयार कर सकें.
14 साल की उम्र में शुरू कर दी थी कोडिंग
न्यूयॉर्क में जन्मे अमन सांगर ने केवल 14 वर्ष की उम्र में कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था. MIT में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात माइकल ट्रुएल, सुलेह आसिफ और आर्विड लुनेमार्क से हुई, जिन्होंने बाद में उनके साथ कंपनी की सह-स्थापना की. कंपनी में माइकल ट्रुएल मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं, जबकि सुलेह आसिफ उत्पाद प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे हैं. अमन सांगर ने कंपनी की उत्पाद रणनीति, विस्तार और डेवलपर समुदाय निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
कैसे सफल हुआ Cursor?
शुरुआती दौर में स्टार्टअप मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए एआई सहायक विकसित करने पर काम कर रहा था. हालांकि बाद में कंपनी ने अपनी रणनीति बदलते हुए एआई आधारित कोडिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया, जो पूरे कोडबेस का विश्लेषण कर जटिल समस्याओं के समाधान सुझा सकता है. आज Cursor दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एआई डेवलपर टूल्स में शामिल है और लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसका उपयोग कर रहे हैं.
50 हजार कंपनियां कर रही हैं उपयोग
कंपनी के अनुसार, एनवीडिया, एडोबी, उबर, शॉपिफाई और पेपाल जैसी लगभग 50,000 कंपनियों के डेवलपर्स Cursor का इस्तेमाल कोड लिखने, संशोधित करने और सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया को तेज करने के लिए कर रहे हैं. इस बढ़ती लोकप्रियता का असर कंपनी के राजस्व पर भी देखने को मिला. नवंबर 2025 में कंपनी की वार्षिक आय 1 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गई थी, जबकि जून 2026 तक यह आंकड़ा करीब 4 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है.
डील पर क्या बोले अमन सांगर?
स्पेसएक्स द्वारा अधिग्रहण की घोषणा के बाद अमन सांगर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “कुछ बेहद शक्तिशाली मॉडल को प्रशिक्षित करने को लेकर उत्साहित हूं.” उनका यह बयान संकेत देता है कि स्पेसएक्स और एनीस्फीयर भविष्य में एआई तकनीक के क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश और विकास की योजना बना रहे हैं.
स्पेसएक्स ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
यह अधिग्रहण ऐसे समय में सामने आया है जब स्पेसएक्स ने हाल ही में अपना रिकॉर्डतोड़ नैस्डैक प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) पूरा किया है. शेयर बाजार में लिस्टिंग के पहले ही दिन कंपनी के शेयर 160.95 डॉलर पर बंद हुए, जिससे स्पेसएक्स का बाजार पूंजीकरण लगभग 2.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया. इसके साथ ही कंपनी के संस्थापक एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (खरबपति) बनने का दावा करने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं.
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