Indian Red Chilli Export: भारतीय मसालों की खुशबू और स्वाद की पहचान अब केवल देश तक सीमित नहीं रही. दुनिया के कई देशों की रसोई में भारतीय मसालों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इनमें लाल मिर्च का नाम सबसे आगे है. खास बात यह है कि भारत का पड़ोसी देश चीन भी भारतीय लाल मिर्च का बड़ा खरीदार बन चुका है. अपने पारंपरिक तीखे व्यंजनों के लिए मशहूर चीन बड़ी मात्रा में भारत से लाल मिर्च आयात कर रहा है. व्यापारिक आंकड़े बताते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लाल मिर्च उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है. वहीं चीन भारतीय लाल मिर्च का सबसे बड़ा आयातक बनकर उभरा है. भारतीय मिर्च का तीखापन, प्राकृतिक लाल रंग और गुणवत्ता इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान दिलाते हैं.
चीन हर साल भारत से कितनी लाल मिर्च खरीदता है?
अगर व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने दुनिया भर में कुल 6.01 लाख टन लाल मिर्च का निर्यात किया था. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कुल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले चीन के बाजारों में गया है. चीन ने भारत से करीब 1.79 लाख टन लाल मिर्च की खरीदारी की है, जिसकी कुल कीमत 4123 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसी वक्त भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने भी लगभग 90,570 टन मिर्च भारत से मंगवाई है.
आखिर चीन में भारतीय मिर्च की इतनी मांग क्यों है?
चीन दुनिया के सबसे बड़े फूड प्रोसेसिंग और मसाला बाजारों में शामिल है. वहां कई ऐसे प्रांत हैं जहां पारंपरिक रूप से बेहद तीखा भोजन पसंद किया जाता है. सिचुआन (Sichuan) और हुनान (Hunan) जैसे क्षेत्रों में बनने वाले हॉटपॉट, नूडल्स, चिली ऑयल, सॉस और अन्य मसालेदार व्यंजनों में बड़ी मात्रा में लाल मिर्च का इस्तेमाल होता है. भारतीय लाल मिर्च अपने तेज तीखेपन और प्राकृतिक रंग के कारण इन उत्पादों के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है. यही वजह है कि चीन की फूड इंडस्ट्री में इसकी मांग लगातार बनी हुई है.
भारत की कौन-सी मिर्च सबसे ज्यादा पसंद की जाती है?
भारत में आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में लाल मिर्च की बेहतरीन किस्मों की खेती होती है. इन मिर्चों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें तीखापन और चमकदार प्राकृतिक लाल रंग दोनों मौजूद होते हैं. यही कारण है कि जब इनका उपयोग मसाला, चिली पाउडर, सॉस या प्रोसेस्ड फूड में किया जाता है तो उत्पाद का रंग और स्वाद दोनों बेहतर हो जाते हैं. विदेशी खरीदार, खासकर चीन की कंपनियां, भारतीय लाल मिर्च की इसी गुणवत्ता को सबसे अधिक महत्व देती हैं.
भारत क्यों बना चीन का भरोसेमंद सप्लायर?
भारत दुनिया में लाल मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक होने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर निर्यात करने की क्षमता भी रखता है. भारतीय उत्पादकों के पास सालभर अच्छी गुणवत्ता वाली लाल मिर्च उपलब्ध रहती है, जिससे विदेशी खरीदारों को लगातार आपूर्ति मिलती रहती है. इसके अलावा भारत से चीन और अन्य एशियाई देशों तक समुद्री मार्ग के जरिए माल भेजना अपेक्षाकृत आसान, तेज और किफायती माना जाता है. यही वजह है कि भारतीय लाल मिर्च वैश्विक बाजार, खासकर चीन में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है.
यह भी पढ़े: USA: अमेरिका में अचानक आई बाढ़, बह गई कार, भारतीय IT इंजीनियर की मौत

