Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को न्यूयॉर्क की एक सिविल जूरी के यौन उत्पीड़न के मामले में बडा झटका लगा है. ट्रंप ने लेखिका ई. जीन कैरोल को 56 लाख डॉलर (5.6 मिलियन डॉलर) का हर्जाना अदा कर दिया है. यह भुगतान उस मामले में किया गया है, जिसमें न्यूयॉर्क की एक सिविल जूरी ने 2023 में ट्रंप को यौन उत्पीड़न और मानहानि का दोषी ठहराया था.
अन्य मामले में भी ट्रंप पर 83.3 मिलियन डॉलर का हर्जाना
इस मामले के अलावा मानहानि के एक अन्य मामले में भी ट्रंप पर 83.3 मिलियन डॉलर का हर्जाना लगाया गया था, जिसकी अपील अभी चल रही है. कैरोल की वकील रोबर्टा कैपलान ने मंगलवार को बताया कि उनकी मुवक्किल को अदालत द्वारा तय की गई पूरी राशि मिल गई है. उन्होंने कहा कि तीन साल पहले नौ सदस्यीय जूरी ने सर्वसम्मति से ट्रंप को दोषी पाया था और अब अदालत के आदेश के अनुसार हर्जाने का भुगतान कर दिया गया है. यह मामला 1996 का है.
ट्रायल रूम में यौन उत्पीड़न
कैरोल का आरोप था कि ट्रंप ने न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंटल स्टोर के ट्रायल रूम में उनका यौन उत्पीड़न किया था. बाद में जब कैरोल ने 2019 में अपनी किताब में इस घटना का जिक्र किया, तो ट्रंप ने आरोपों को झूठा बताते हुए उन्हें सनकी कहा. दावा किया कि उन्होंने कहानी गढ़ी है. इसी बयान को लेकर मानहानि का मामला भी दर्ज हुआ. जून 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की अपील सुनने से इनकार कर दिया था, जिससे 2023 का फैसला अंतिम रूप से लागू हो गया और ट्रंप को हर्जाना चुकाना पड़ा.
कानूनी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई
हालांकि ट्रंप की कानूनी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई हैं. एक अलग मानहानि मामले में अदालत पहले ही उन्हें 8.33 करोड़ डॉलर (83.3 मिलियन डॉलर) का हर्जाना देने का आदेश दे चुकी है. इस फैसले को अपील अदालत ने भी बरकरार रखा है, लेकिन फिलहाल उसके भुगतान पर अस्थायी रोक लगी हुई है.
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