लावरोव और रूबियो की मनीला में हुई मुलाकात, यूक्रेन संघर्ष के समाधान पर बम सकती है बात

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ukraine Russia war: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की. मनीला में आयोजित आसियान मंत्रिस्तरीय बैठक में यूक्रेन संघर्ष सुलझाने को लेकर मास्को तत्पर दिखा साथ ही ‘एंकोरेज फॉर्मूले’ को लेकर प्रतिबद्धता जताई.

बैठक के दौरान, लावरोव ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए मास्को तैयार है और एंकोरेज में हुई सहमति को लेकर प्रतिबद्धता बनाए जताई. उन्होंने रूबियो को युद्ध क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी और यूक्रेन को आगे हथियारों की आपूर्ति नहीं करने के महत्व पर जोर दिया.

दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति

रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने रूस और अमेरिका के राजनयिक मिशनों के कामकाज को सामान्य बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा की. इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ. रूसी मीडिया के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि विदेश मंत्रालयों के बीच संपर्क जारी रखा जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मंच भी शामिल हैं. बता दें कि इस बैठक में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.

वहीं, इससे पहले 26 जून में लावरोव ने यूक्रेन संकट के समाधान में अमेरिका की भूमिका को लेकर स्पष्टता की मांग की थी. यह बयान मार्को रूबियो की उन टिप्पणियों के बाद आया था, जिनमें उन्होंने एंकोरेज शिखर बैठक के परिणामों पर चर्चा की थी. रूबियो ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एंकोरेज बैठक में यूक्रेन मुद्दे पर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ था.

पक्षों को साथ लाने में रूचि दिखा रहा अमेरिका

हालांकि, उन्होंने रूबियो के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका यूक्रेन का समर्थन करने के कारण निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकता. रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि ” अब जब वॉशिंगटन दोनों पक्षों को साथ लाने और रचनात्मक भूमिका निभाने की इच्छा जाहिर कर रहा है, तो यह मध्यस्थता की दिशा में कदम जैसा प्रतीत होता है. हालांकि इस पूरे मामले पर अभी और स्पष्टता की आवश्यकता है, लेकिन तथ्य यह है कि एंकोरेज में अमेरिकी प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी और रूस ने उन्हें स्वीकार किया था.”

Latest News

UPI से ₹2,000 भेजने पर अब क्या बदलेगा? आपकी जेब से दुकानदार की दुकान तक, नए नियम का पूरा असर समझिए

UPI Payments: UPI पेमेंट को लेकर सरकार ने नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क जारी किया है. नए नियम...

More Articles Like This