Spain Fire: यूरोपीय देश स्पेन की राजधानी मैड्रिड के पश्चिमी इलाकों और एविला प्रांत में लगी आग ने सरकार को पहली बार सिर्फ वाइल्डफायर की वजह से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने पर मजबूर कर दिया. आग इतनी तेजी से फैली कि 10 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. स्पेन सरकार के मुताबिक आग पर काबू पाने के लिए 270 से ज्यादा आपातकालीन कर्मियों, दर्जनों दमकल इकाइयों और सैन्य इमरजेंसी यूनिट को तैनात किया गया है.
सूखे ने हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बनाए
कई इलाकों में हेलिकॉप्टर लगातार पानी की बौछार कर रहे हैं, लेकिन तेज गर्मी, सूखी हवाओं और लंबे सूखे ने हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं. इस बार आग बुझाने की कोशिशों में एक ऐसा तरीका भी चर्चा में है, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है. स्पेन के कई इलाकों में गधों को जंगलों में छोड़ा जा रहा है, ताकि वे सूखी घास, झाड़ियों और छोटी वनस्पतियों को चर सकें. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यही सूखी घास जंगल की आग को तेजी से फैलाने का सबसे बड़ा ईंधन बनती है.
प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल रणनीति
जब गधे और दूसरे चरने वाले जानवर इसे पहले ही साफ कर देते हैं तो आग को फैलने के लिए कम सामग्री मिलती है और उसकी रफ्तार धीमी पड़ सकती है. इसे आधुनिक तकनीक के साथ इस्तेमाल की जाने वाली प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल रणनीति माना जा रहा है. आग की वजह से कई गांव खाली कराए गए हैं. धुएं और तेज लपटों के कारण कई सड़कें बंद कर दी गई हैं. प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
कभी इतनी भयावह आग नहीं देखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी भयावह आग नहीं देखी. स्पेन के साथ-साथ फ्रांस भी जंगल की आग से जूझ रहा है. अटलांटिक तट पर स्थित लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्र कैप फेरे में लगी आग के कारण करीब 40 हजार लोगों को वहां से निकालना पड़ा. कई लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया गया. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आग पर काबू पाने के लिए यूरोपीय संघ से मदद मांगी है. उन्होंने बताया कि दूसरे यूरोपीय देशों से विशेष अग्निशमन विमान जल्द राहत अभियान में शामिल होंगे.
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