‘US के नए आर्थिक प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं’, ट्रंप को ईरानी प्रवक्ता बघाई का जवाब

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Iran-US War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. ट्रंप प्रशासन ने तेहरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने और ‘इकोनॉमिक डी-डे’ के तहत पूर्ण आर्थिक युद्ध व अलगाव की घोषणा की है. अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि ईरान की मदद करने या व्यापार करने वाले किसी भी देश को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा.

नए आर्थिक प्रतिबंधों की आलोचना

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका की ओर से लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है और ये संयुक्त राष्ट्र चार्टर में दर्ज संप्रभु समानता के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं. बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका दूसरे देशों के बैंकों, कंपनियों और एयरपोर्ट्स को तीसरे देश के साथ कानूनी कारोबार रोकने के लिए मजबूर नहीं कर सकता.

अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ कार्रवाई

उन्होंने यह भी कहा कि किसी संप्रभु देश पर उसकी नीतिगत पसंद बदलने के लिए आर्थिक दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ कार्रवाई है. अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने इसे ‘इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध’ बताते हुए कहा कि अमेरिका आर्थिक दबाव के जरिए ईरान की सरकार को कमजोर करने की कोशिश करेगा.

ट्रंप का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में

ईरानी मीडिया ने उनके हवाले से जवाब को ‘कुचलने वाला, दंडात्मक और विनाशकारी’ बताया है. इस पूरे विवाद में डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में है. उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा करते हुए कहा कि अमेरिका के पास पूरे इलाके पर नियंत्रण है. ट्रंप ने यहां तक कहा, ‘मैं अभी होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र मानता हूं.’ होर्मुज स्ट्रेट कोई सामान्य समुद्री रास्ता नहीं है. यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है.

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