सितंबर में इक्विटी फंड्स में आया 30% से ज्यादा निवेश, इंडस्ट्री AUM बढ़कर 82.64 लाख करोड़ रुपए हुआ: AMFI

Shivam
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Mutual Fund Investment: भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में सितंबर के दौरान इक्विटी योजनाओं में निवेश की रफ्तार तेज हुई है. नए आंकड़ों के मुताबिक, शेयर बाजार से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेशकों ने सितंबर में 38,306.55 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया. यह अगस्त के मुकाबले 30.61 फीसदी अधिक है. निवेश के मामले में स्मॉल कैप फंड्स सबसे आगे रहे, जबकि मिड कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में भी बड़ी रकम आई. हालांकि, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में सितंबर के दौरान शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जिसकी प्रमुख वजह डेट फंड्स से बड़ी रकम का बाहर जाना रहा.

सितंबर में इक्विटी फंड्स में कितना निवेश आया?

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 38,306.55 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ. अगस्त में यह आंकड़ा 29,328.62 करोड़ रुपये था. इस तरह एक महीने में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश 30.61 फीसदी बढ़ गया. आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम्स में 74,831.96 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि 36,525.41 करोड़ रुपये की निकासी हुई.

निवेश और निकासी के अंतर के आधार पर इन योजनाओं में 38,306.55 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. सितंबर में इक्विटी योजनाओं का नेट एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 37.54 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं, महीने के दौरान इन योजनाओं का औसत AUM 38,50,660.61 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.

स्मॉल कैप फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश

सितंबर में निवेशकों ने स्मॉल कैप फंड्स में सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया. इस श्रेणी में 9,038.57 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. स्मॉल कैप फंड्स में कुल 13,025.13 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि 3,986.56 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई. इस श्रेणी में निवेशकों के कुल 3.03 करोड़ फोलियो दर्ज किए गए. दूसरे स्थान पर मिड कैप फंड्स रहे, जिनमें 7,834.84 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. फ्लेक्सी कैप फंड्स में 6,701.80 करोड़ रुपये, लार्ज एंड मिड कैप फंड्स में 4,271.22 करोड़ रुपये और मल्टी कैप फंड्स में 3,859.55 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया.

अन्य इक्विटी फंड्स में कैसा रहा निवेश?

सितंबर के दौरान कई अन्य श्रेणियों में भी निवेश आया. थीमैटिक फंड्स में 1,800.07 करोड़ रुपये और सेक्टोरल फंड्स में 1,840.02 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. वहीं, फोकस्ड फंड्स में 1,390.84 करोड़ रुपये, वैल्यू फंड्स में 1,290.89 करोड़ रुपये और लार्ज कैप फंड्स में 859.47 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. हालांकि, सभी श्रेणियों में निवेश का रुझान एक जैसा नहीं रहा. सितंबर में कॉन्ट्रा फंड्स से 97.88 करोड़ रुपये और ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड्स से 662.14 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई.

पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग से निकले 1.33 लाख करोड़ रुपये

इक्विटी फंड्स में निवेश बढ़ने के बावजूद सितंबर में पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में 1,33,375.57 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह डेट फंड्स से 1,83,155.76 करोड़ रुपये का भारी आउटफ्लो रहा. इस दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 82.64 लाख करोड़ रुपये रही. यह आंकड़ा अगस्त में दर्ज 87.08 लाख करोड़ रुपये के कुल AUM से कम है.

ETF में भी निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार

सितंबर में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही. इस श्रेणी में कुल 15,501.40 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. इसमें इक्विटी ETF सबसे आगे रहे, जिनमें 9,959.96 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया. इसके अलावा, गोल्ड ETF में 4,450.61 करोड़ रुपये और सिल्वर ETF में 1,974.32 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ गोल्ड और सिल्वर ETF में भी पैसा लगाया. गौरतलब है कि अगस्त में इक्विटी फंड्स में 29,328.62 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था, जो जुलाई के मुकाबले लगभग 19 फीसदी अधिक था. उस समय म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल AUM 87.08 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था.

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