KAJARI MAHOTSAV 2026: सपनों की नगरी मुंबई के मलाड ईस्ट स्थित शारदा ज्ञानपीठ इंटरनेशनल स्कूल में 22 अगस्त की शाम ‘कजरी महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया. भारत एक्सप्रेस न्यूज चैनल और भूमिहार जागरण मंच के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपरा की अनूठी छटा देखने को मिली. समारोह की शुरुआत से पहले भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय और लोक गायन की सिरमौर पद्मश्री मालिनी अवस्थी पत्रकारों से मुखातिब हुए और सावन तथा लोक संस्कृति से जुड़े अपने अनुभव साझा किए.
‘प्रकृति और मनुष्य के गहरे संबंध का महीना है सावन’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने कहा कि किसी कार्यक्रम का स्केल छोटा है या बड़ा, यह महत्व नहीं रखता; असली महत्व इस बात का है कि वहां से क्या संदेश दिया जा रहा है.
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, “मैं गाजीपुर के शेरपुर गांव से आता हूं. 10वीं के बाद जब गांव छोड़ा, तो लखनऊ और फिर दिसंबर 1999 में मुंबई आया. गांव और शहर के संस्कारों के अंतर को मैंने बहुत करीब से महसूस किया है. सावन का महीना वास्तव में संगीत और समृद्धि का महीना होता है. इस मौसम में बादल बरसते हैं, पृथ्वी हरी-भरी हो जाती है और प्रकृति व मनुष्य के बीच एक गहरा संबंध स्थापित होता है. मुंबई जैसे महानगर में उत्तर भारतीय समाज द्वारा अपनी माटी की खुशबू और संस्कृति को बचाए रखना और इस तरह का आयोजन करना बेहद खुशी की बात है.”
‘सावन साल भर के लिए खाद और ऊर्जा देता है’ — मालिनी अवस्थी
प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने मुंबई में रचे-बसे उत्तर भारतीय समाज की तारीफ करते हुए कहा कि मुंबई में इस समाज ने अपनी संस्कृति के पौधे को रोपा है और उसकी सुगंध से पूरी धरती महक रही है.
उन्होंने कहा, “भूमिहार समाज बहुत परिश्रमी, अध्ययनशील, उन्नत और समृद्ध सोच वाला समाज है. सावन का यह पावन महीना हम सभी को, विशेषकर कलाकारों को पूरे साल भर के लिए सोचने की ऊर्जा और खुराक देता है. रक्षाबंधन से ठीक पहले इस पवित्र महीने में कजरी, झूला और मल्हार गाने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है.”



