रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिश तेज, अचानक बिना घोषणा के मॉस्को पहुंचे CIA चीफ, मची हलचल

Must Read

Washington: अमेरिकी CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ इस सप्ताह अचानक और बिना घोषणा के मॉस्को पहुंचे. यह ट्रंप प्रशासन में किसी CIA प्रमुख की रूस राजधानी की पहली यात्रा थी. आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि वे रूसी अधिकारियों को नाटो देशों, खासकर एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया पर हमला न करने की चेतावनी देने गए थे. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ की रूस की अचानक हुई यात्रा को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया है.

सामान्य और लगभग नियमित दौरे जैसी यात्रा 

एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा सामान्य और लगभग नियमित दौरे जैसी है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा से रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में कुछ प्रगति हो सकती है. इंटरव्यू के दौरान एंकर ग्लेन बेक ने ट्रंप से पूछा कि रैटक्लिफ अचानक रूस क्यों गए. उन्होंने आशंका जताई कि रूस NATO की ताकत को परखने की कोशिश कर सकता है या रैटक्लिफ ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका का संदेश लेकर गए हो सकते हैं. ट्रंप ने इन सभी अटकलों को गलत बताया.

नाटो देशों के खिलाफ धमकियां

दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध में गतिरोध के बीच मास्को ने यूक्रेन के समर्थक नाटो देशों के खिलाफ धमकियां दी हैं. अमेरिका को आशंका है कि रूस साइबर हमले, तोड़फोड़ या सीमित सैन्य कार्रवाई जैसे हाइब्रिड तरीकों से नाटो को चुनौती दे सकता है. NATO संधि के तहत एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है, इसलिए यह चेतावनी महत्वपूर्ण थी. रैटक्लिफ की यात्रा ऐसे समय हुई जब अमेरिका चाहता है कि रूस बातचीत के रास्ते पर आए. यह दौरा सिर्फ चेतावनी का नहीं, बल्कि दबाव और संदेश दोनों का था.

ईरान को सैन्य और आर्थिक मदद

यात्रा का दूसरा और उतना ही महत्वपूर्ण एजेंडा ईरान था. रैटक्लिफ ने रूस से कहा कि वह ईरान को सैन्य और आर्थिक मदद कम करे. खासकर हथियार और रक्षा तकनीक साझा करने से बाज आए. अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक अभियान चला रहा है और मास्को को चेताया गया कि प्रतिबंधों से प्रभावित होने पर ज्यादा प्रतिक्रिया न दे. रूस पर आरोप हैं कि वह ईरान को ड्रोन क्षमता बढ़ाने में मदद कर रहा है.

युद्ध पर किसी समझौते पर राजी

अमेरिका चाहता है कि ईरान उसकी आर्थिक नाकेबंदी के बाद होर्मुज और युद्ध पर किसी समझौते पर राजी हो जाए. ऐसा तब तक नहीं होगा, जब तक कि रूस और चीन उसे मदद देना बंद नहीं करेंगे. रूस में सीआईए चीफ का पहुंचने का बड़ा एजेंडा यही था, क्योंकि चीन से बात ट्रंप उनका आने वाले वॉशिंगटन दौरे में करेंगे.

इसे भी पढ़ें. महाराष्ट्रः रेल की पटरी पर थमी चार लोगों के जीवन की रफ्तार, परिवार ने मौत को लगाया गले

Latest News

31 August 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

31 August 2026 Ka Panchang: आज 31 अगस्त 2026, सोमवार का दिन है और भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष...

More Articles Like This