New Delhi: हिमाचल प्रदेश के अग्निवीर विकास गौतम ने आर्मी ऑफिसर बनने का सपना पूरा कर मिसाल कायम की है. विकास का यह सफर युवाओं को प्रेरित करने वाला है. बिलासपुर के रहने वाले विकास गौतम का सपना भारतीय सेना में ऑफिसर बनने का था. लेकिन वह पहले भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर भर्ती होकर T-90 टैंक गनर बने और फिर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) पहुंचे.
विकास गौतम की कहानी साझा
भारतीय सेना की ट्रेनिंग कमांड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से विकास गौतम की कहानी साझा की है. कमांड ने लिखा कि विकास मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं. वह एक छोटे से गांव से निकलकर पहले भारतीय सेना में अग्निवीर ने और अब सीनियर अंडर ऑफिसर तक पहुंचे हैं. विकास गौतम का बचपन से सपना भारतीय सेना की वर्दी पहनने का था. लेकिन जब एनडीए के माध्यम से सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने कंप्यूटर सांइस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.
टैंक गनर के रूप में दी सेवा
इसके बाद वह बतौर अग्निवीर भारतीय सेना ज्वाइन की. अग्निवीर के रूप में उन्हें आर्मर्ड कॉर्प्स की प्रतिष्ठित रेजिमेंट ‘द सिंध हॉर्स (14 हॉर्स) में T-90 टैंक गनर के रूप में सेवा दी. विकास गौतम का अग्निवीर के तौर पर रेजिमेंट में तैनाती के दौरान अनुशासन, टीम वर्क और देश सेवा के प्रति उनका जज्बा और गहरा हो गया. जिसके बाद विकास ने भारतीय सेना में ही अधिकारी बनने की ठानी. देश सेवा और वर्दी पहनने का अपना सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की. जिसका फल रहा कि उन्होंने सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू पास करके ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया में प्रवेश पाने में सफलता हासिल की.
फिजिकल ट्रेनिंग में उत्कृष्ठ प्रदर्शन
ओटीए गया में विकास गौतम का शानदार परफॉर्मेंस रहा. उन्होंने क्रॉस कंट्री में अकादमी का नेतृत्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया. इसके अलावा फिजिकल ट्रेनिंग में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उन्हें मेरिट कार्ड से सम्मानित किया गया. बैटल ऑब्स्टैकल कोर्स में नया रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने अकादमी के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया.
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