Pakistan Army: पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां सेना के जवानों के बीच ही आपस में हिंसक झड़प हो गई. हैरानी की बात ये है कि ये लड़ाई पानी को लेकर थी, जो देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि सर्विस ग्रुप (SSG) के कमांडो और फ्रंटियर फोर्स (FF) रेजिमेंट के जवानों ने एक-दूसरे को हैवानों की तरह नोंचना शुरू कर दिया. इस दौरान 22 सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इनमें से 9 जवानों की हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल एयरलिफ्ट करना पड़ा.
Pakistan: पानी की किल्लत को लेकर आपस में भिड़े सेना के जवान, चले लात-घूंसे, 20 से अधिक जख्मी
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दरअसल, दक्षिण वजीरिस्तान का आसमान मंजा मिलिट्री कैंप इन दिनों पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है. कड़े मौसम और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच तैनात जवानों को लंबे समय से पीने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पानी नहीं मिल पा रहा था. ऐसे में ही पानी के टैंकर के वितरण को लेकर एफएफ रेजिमेंट के अधिकारियों और एसएसजी कमांडो के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जिसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ के जवान अपना आपा खो बैठे और बहस ने देखते ही देखते मारपीट और नोच-घसोट का रूप ले लिया.
इस घटना की सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इसमें पाकिस्तानी सेना की सबसे एलीट यूनिट एसएसजी कमांडो शामिल थी, जिन्हें कड़े अनुशासन और विशेष ट्रेनिंग के लिए जाना जाता है. लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी और पानी के संकट ने जवानों के सब्र का बांध तोड़ दिया. जिसके बाद लाठी-डंडे और लात घूंसे चले. कैंप में मौजूद अन्य अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई जवान खून से लथपथ हो चुके थे.
इस खूनी झड़प में कुल 22 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं. प्राथमिक उपचार के बाद जब कुछ जवानों की हालत बिगड़ती दिखी तो तुरंत सैन्य हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई. कुल 9 गंभीर रूप से घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए नजदीकी बड़े मिलिट्री अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया है. सेना के टॉप अधिकारियों ने इस घटना के बाद कैंप में स्थिति को शांत करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं और पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

