भारत अब पूरी दुनिया के लिए बना रहा उत्पाद, गर्व से ‘मेड इन इंडिया’ का टैग लगाएंगे- पीयूष गोयल

Must Read

New Delhi: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जहां दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद गर्व से ‘मेड इन इंडिया’ का टैग लगाएंगे और अपनी गुणवत्ता के लिए पहचाने जाएंगे. पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत न केवल अपनी जरूरतों के लिए विनिर्माण कर रहा है, बल्कि दुनिया के लिए भी उत्पाद तैयार कर रहा है.

विश्वास पर आधारित एक दृष्टिकोण

‘मेक इन इंडिया’ की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल इस सरल विश्वास पर आधारित एक दृष्टिकोण है कि भारत दुनिया के लिए विनिर्माण कर सकता है. गोयल ने कहा कि यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है. यह हमें याद दिलाती है कि जब कोई देश अपनी क्षमताओं पर विश्वास करता है और सरकार निरंतर सुधारों और ठोस कदमों के जरिए उस विश्वस को मजबूती देती है, तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है.

हमारी नियति मानने से इनकार

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि 2014 को पीछे मुड़कर देखें तो भारत की विनिर्माण क्षमता को लेकर होने वाली बहसें याद आ सकती हैं. उस समय भारत में इस्तेमाल होने वाले कई उत्पाद आयात किए जाते थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे हमारी नियति मानने से इनकार कर दिया. गोयल ने कहा कि हम उस दृष्टिकोण को आकार लेते हुए देख रहे हैं.

प्रतिस्पर्धी विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार

आंकड़े उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में अब तक का सबसे अधिक 94.53 अरब डॉलर का वार्षिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक कुल एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर तक पहुंच गया. वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत देशभर में ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट शहर स्थापित किए जा रहे हैं.

निवेश और विनिर्माण के लिए नए अवसर

उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों ने नियमों को सरल बनाया है और अनुपालन का बोझ कम किया है. वहीं, प्रमुख क्षेत्रों में किए गए सुधारों ने निवेश और विनिर्माण के लिए नए अवसर पैदा किए हैं. गोयल ने जोर देकर कहा कि मेक इन इंडिया’ की यात्रा जारी है और अब इसका लक्ष्य और भी बड़ा है जिसमें भारत को वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति बनाना शामिल है, जो 2047 तक विकसित भारत के हमारे विजन को भी मजबूत करेगा.

इसे भी पढ़ें. Deendayal Upadhyaya Jayanti: पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर PM मोदी का संदेश, बोले- अंत्योदय ही राष्ट्र निर्माण का आधार

Latest News

Pitru Paksha 2026: आज से पितृ पक्ष शुरू, जानिए पूजा का समय और नियम

Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष माह की शुरुआत हो रही है. पितृपक्ष का समय पितरों को अर्पित है....

More Articles Like This