New Delhi: थाईलैंड ने हिंद महासागर और मलक्का स्ट्रेट के करीब अपनी निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए स्पेन की इंद्रा से लैंजा 3D रडार खरीदा है. फुकेत एयर बेस पर तैनात होने वाला यह सिस्टम 470 किलोमीटर तक नजर रख सकता है. ड्रोन, विमान और मिसाइलों का पता लगाने में सक्षम यह रडार चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच खासा अहम माना जा रहा है. 470 किलोमीटर दूर तक नजर रखने की क्षमता वाला यह रडार थाईलैंड के लिए सिर्फ एक नया निगरानी उपकरण नहीं, बल्कि उसके एयर डिफेंस नेटवर्क को मजबूत करने वाली अहम कड़ी है.
हवाई खतरों का पता लगाने की क्षमता
इंद्रा के मुताबिक, लैंजा 3डी रडार ड्रोन, विमान, मिसाइल और दूसरे हवाई खतरों का पता लगाने की क्षमता रखता है. आसमान में उड़ रही किसी संदिग्ध गतिविधि को काफी दूर से ही ट्रैक किया जा सकेगा. लैंजा-3D एल-बैंड रडार है, जो 1 से 2 GHz फ्रीक्वेंसी रेंज में काम करता है. कंपनी के मुताबिक इसकी अधिकतम इंस्ट्रूमेंटेड रेंज करीब 470 किलोमीटर है और यह 30480 मीटर तक की ऊंचाई पर मौजूद टारगेट्स का पता लगा सकता है. रडार 360 डिग्री कवरेज देता है और करीब 10 से 12 सेकेंड में एक स्कैन पूरा करता है.
मलक्का सबसे व्यस्त रणनीतिक समुद्री रास्तों में शामिल
फुकेत एयर बेस पर इस रडार की तैनाती की सबसे बड़ी वजह इसकी रणनीतिक लोकेशन है. यह इलाका हिंद महासागर और मलक्का स्ट्रेट के बीच आने-जाने वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के करीब है. मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त रणनीतिक समुद्री रास्तों में शामिल है. इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री और सैन्य सक्रियता के बीच दक्षिण-पूर्व एशियाई देश अपनी निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहे हैं.
किसी खास कदम के तौर पर पेश
हालांकि, थाईलैंड ने इस रडार खरीद को चीन के खिलाफ किसी खास कदम के तौर पर पेश नहीं किया है, लेकिन इसकी लोकेशन और लंबी दूरी की निगरानी क्षमता इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है. समुद्री इलाके में ज्यादा नमी और खराब मौसम रडार सिस्टम के लिए चुनौती बन सकते हैं. इंद्रा का दावा है कि लैंजा 3डी को उच्च आर्द्रता और मुश्किल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिजाइन किया गया है.
एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती
यह सिस्टम ऐसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक माहौल में भी काम करने में सक्षम है, जहां इंटरफेरेंस या इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान मौजूद हो. मौजूदा दौर में जब ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं, यह क्षमता काफी अहम मानी जाती है. थाईलैंड को इस डील में सिर्फ रडार नहीं मिलेगा. इंद्रा अपना AirDef कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम भी उपलब्ध कराएगी. यह सिस्टम अलग-अलग खुफिया और निगरानी स्रोतों से मिले डेटा को एक जगह जोड़कर एयर डिफेंस के लिए साझा ऑपरेशनल तस्वीर तैयार करने में मदद करेगा.
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