04 October 2026 Ka Panchang: रविवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

04 October 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार 4 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है. नवमी तिथि देर रात 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगी. इस दिन नवमी तिथि में दिवंगत हुए पितरों के लिए श्राद्ध कर्म किया जाएगा. साथ ही रविवार को मातृ नवमी का श्राद्ध भी रहेगा, जो दिवंगत महिला पितरों को समर्पित माना जाता है. पंचांग के अनुसार 4 अक्टूबर को परिघ योग दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. इसके बाद अन्य योग शुरू होगा. वहीं पुनर्वसु नक्षत्र रात 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परिघ योग में शत्रु से संबंधित कार्यों में सफलता मिलने की बात कही जाती है. आइए जानते हैं 4 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग, मातृ नवमी श्राद्ध का मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय… 

4 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • दिन: रविवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • मास: आश्विन
  • तिथि: नवमी
  • नवमी तिथि: देर रात 3:54 बजे तक
  • योग: परिघ, दोपहर 12:33 बजे तक
  • नक्षत्र: पुनर्वसु, रात 12:14 बजे तक
  • विशेष: नवमी तिथि श्राद्ध, मातृ नवमी श्राद्ध

आज नवमी तिथि वालों का होगा श्राद्ध

4 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है. इस दिन उन पितरों के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता है जिनका निधन हिंदू पंचांग की नवमी तिथि को हुआ था. इसी दिन मातृ नवमी का श्राद्ध भी किया जाएगा. धार्मिक परंपरा में मातृ नवमी को महिला पितरों के स्मरण और उनके निमित्त श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

मातृ नवमी श्राद्ध का क्या महत्व है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मातृ नवमी का दिन दिवंगत महिला पितरों को समर्पित होता है. इस दिन दिवंगत माता, दादी, नानी, सास, बहन, बेटी या सुहागिन महिला के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. मान्यता है कि मातृ नवमी पर विधि-विधान से किया गया श्राद्ध दिवंगत स्त्री पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है. परिवार की परंपरा और मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य किया जाता है.

मातृ नवमी श्राद्ध का मुहूर्त

कुतुप मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:51 बजे तक

रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:51 बजे से 1:39 बजे तक

अपराह्न काल: दोपहर 1:39 बजे से शाम 4:01 बजे तक

4 अक्टूबर का राहुकाल

  • दिल्ली: शाम 4:35 बजे से 6:04 बजे तक
  • मुंबई: शाम 4:55 बजे से 6:25 बजे तक
  • चंडीगढ़: शाम 4:36 बजे से 6:05 बजे तक
  • लखनऊ: शाम 4:21 बजे से 5:50 बजे तक
  • भोपाल: शाम 4:36 बजे से 6:05 बजे तक
  • कोलकाता: दोपहर 3:52 बजे से शाम 5:21 बजे तक
  • अहमदाबाद: शाम 4:55 बजे से 6:24 बजे तक
  • चेन्नई: शाम 4:27 बजे से 5:57 बजे तक

परिघ योग में क्या है खास?

4 अक्टूबर को परिघ योग दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं में परिघ योग को शत्रु से जुड़े कार्यों में सफलता और विरोध पर विजय से जोड़ा जाता है. हालांकि, किसी भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य के लिए केवल योग ही नहीं, बल्कि तिथि, नक्षत्र, वार और स्थानीय पंचांग को भी ध्यान में रखा जाता है.

पुनर्वसु नक्षत्र का समय

पुनर्वसु नक्षत्र: रात 12:14 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 6:15 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:03 बजे

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

यह भी पढ़े: कुतप काल में श्राद्ध करने से पितरों को प्राप्त होती है विशेष तृप्ति: दिव्य मोरारी बापू

Latest News

पेंटागन से बाहर होगा क्लॉड एआई मॉडल, कोर्ट ने खारिज की कंपनी की चुनौती

Anthropic Pentagon dispute:अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक और पेंटागन के बीच विवाद में नया मोड़ देखने को मिला है. दरअसल,...

More Articles Like This