महंगाई के बीच वाहन चालकों को एक और झटका लगा है. अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में 4.45 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी. इस बढ़ोतरी के बाद शहर में सीएनजी की खुदरा कीमत 98.47 रुपये प्रति किलो हो गई है. कंपनी ने गैस की खरीद लागत में भारी वृद्धि को कीमतें बढ़ाने की मुख्य वजह बताया है. इससे पहले कंपनी ने अगस्त 2026 में भी सीएनजी की कीमत में 4 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी. उस समय कीमत बढ़कर 94.20 रुपये प्रति किलो हो गई थी. अब ताजा संशोधन के बाद वाहन चालकों को सीएनजी के लिए पहले से अधिक कीमत चुकानी होगी.
वैश्विक बाजार में गैस महंगी होने से बढ़ी कीमत
अदाणी टोटल गैस के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतों, घरेलू गैस की उपलब्धता में कमी और आपूर्ति में लगातार कटौती के कारण गैस की खरीद लागत में तेज वृद्धि हुई है. भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी वैश्विक गैस बाजार पर दबाव बढ़ाया है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि गैस की खरीद लागत में काफी वृद्धि होने के कारण सीएनजी की कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था. कंपनी ने यह भी कहा कि वह उपभोक्ताओं पर बढ़ी कीमतों के प्रभाव को सीमित रखने और सीएनजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है. कंपनी के अनुसार, सीएनजी अब भी किफायती और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन विकल्प है.
LNG की कीमतों में भारी उछाल
कंपनी ने बताया कि न्यू वेल गैस (NWG) और हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर (HPHT) गैस की उपलब्धता घटने के साथ हाजिर बाजार में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की कीमतें बढ़ी हैं. इससे सीएनजी क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली गैस की भारित औसत लागत में काफी वृद्धि हुई है. एटीजीएल के अनुसार, वैश्विक हाजिर एलएनजी की कीमतें फरवरी 2026 में लगभग 10 से 12 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू थीं, जो अब बढ़कर करीब 30 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू हो गई हैं. इससे आयातित गैस की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है.
घरेलू गैस की आपूर्ति में भी कमी
अदाणी टोटल गैस ने कहा कि गैस के अपस्ट्रीम उत्पादकों की ओर से लगातार आपूर्ति कटौती की जा रही है. इसके कारण कंपनी को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वैकल्पिक और महंगे स्रोतों से गैस खरीदनी पड़ रही है. कंपनी के मुताबिक, न्यू वेल गैस के आवंटन में हालिया कमी से सीएनजी की बिक्री के लिए प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध घरेलू गैस की मात्रा घट गई है. इसके अलावा, 19 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के जरिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खपत के लिए उपलब्ध एचपीएचटी गैस की मात्रा भी कम कर दी गई. इससे घरेलू गैस की आपूर्ति पर दबाव और बढ़ गया है.

