मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं, जबकि पाकिस्तान और नेपाल में कीमतों में 40 प्रतिशत तक उछाल आया है. सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कीमतें नहीं बढ़ाईं.
एलारा कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर 110 डॉलर प्रति बैरल तक संभाल सकती है.