PoK में क्यों हो रहा है विद्रोह? भारत के सवालों पर 40 घंटे बाद पाकिस्तान ने तोडी चुप्पी, फिर से अलापा कश्मीर राग

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New Delhi: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी Pok में मचे बवाल पर भारत ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया जुल्म को लेकर सवाल उठाए तो एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला. पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय (MOFA) करीब 40 घंटे तक गायब रहा. विशेषज्ञों के मुताबिक यह देरी बहुत असामान्य थी, क्योंकि पाकिस्तान आमतौर पर कश्मीर से जुड़े मामलों में 3 से 4 घंटे के भीतर ही पलटवार कर देता है.

आंतरिक कलह और तालमेल की कमी

भारत के कड़े रुख ने इस बार पाकिस्तान को पूरी तरह से असमंजस में डाल दिया. भारतीय अधिकारियों के अनुसार यह लंबी चुप्पी पाकिस्तान के भीतर मचे आंतरिक कलह और तालमेल की कमी को साफ दिखाती है. जब पाकिस्तान ने जवाब दिया तो भारत ने इसे पुरानी आदतों वाला और सच्चाई से भागने वाला बयान करार दिया. भारत के सरकारी सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की देरी का सबसे बड़ा कारण वहां का डर था.

तथ्यात्मक बातों का जवाब ढूंढने में नाकाम

आमतौर पर बहुत तेजी से रिएक्ट करने वाला पाकिस्तान इस बार भारत की सटीक और तथ्यात्मक बातों का जवाब ढूंढने में नाकाम रहा. भारत ने साफ कहा कि पीओके में जो कुछ हो रहा है वह पूरी दुनिया के सामने है. वहां की जनता अपनी ही हुकूमत के खिलाफ सड़कों पर है. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान के पास इन विरोध प्रदर्शनों का कोई ठोस जवाब नहीं था. इसलिए उसने 40 घंटे का समय सिर्फ यह सोचने में बिता दिया कि भारत के आरोपों को कैसे खारिज किया जाए.

पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा

भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले ही पीओके में प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी. वहां के रावलकोट और दूसरे इलाकों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और लाठीचार्ज किया. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे पाकिस्तान की इस क्रूरता पर संज्ञान लें और उसकी जवाबदेही तय करें. प्रदर्शनों के दौरान भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं और कई लोगों की मौत की खबरें भी आई हैं. भारत ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान अपनी जनता की शिकायतों को सुनने के बजाय भारत पर आरोप क्यों लगा रहा है.

अपना आंतरिक मामला बताया

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के दावों को खारिज करते हुए इसे अपना आंतरिक मामला बताया था. उन्होंने फिर से कश्मीर राग अलापा जिसे भारत ने एक सोची-समझी कोशिश करार दिया. भारतीय सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान का जवाब सिर्फ ध्यान भटकाने वाला है. पाकिस्तान को यह बताना चाहिए कि पीओके के लोग अपने ही प्रशासन के खिलाफ विद्रोह क्यों कर रहे हैं. भारत ने साफ किया कि वह किसी भी हाल में पीओके के लोगों पर हो रहे जुल्म को नजरअंदाज नहीं करेगा.

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