Ambuja Cement Q2 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 9,197 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया है. कंपनी की बिक्री बढ़कर 16.5 मिलियन टन पर पहुंच गई, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA 1,271 करोड़ रुपये रहा. इस दौरान EBITDA मार्जिन 13.8% दर्ज किया गया. कंपनी के प्रदर्शन में ट्रेड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और प्रीमियम सीमेंट उत्पादों की बिक्री ने अहम भूमिका निभाई. हालांकि, कोयले, पेटकोक, डीजल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत के कारण सीमेंट उद्योग के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है.
अंबुजा सीमेंट्स की बिक्री में कितनी बढ़ोतरी हुई?
कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, तिमाही के दौरान कुल सीमेंट बिक्री 16.5 मिलियन टन रही. ट्रेड वॉल्यूम में सालाना आधार पर 8.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, कुल बिक्री में ट्रेड बिजनेस की हिस्सेदारी 6 प्रतिशत अंक बढ़कर 74 प्रतिशत हो गई. प्रीमियम उत्पादों की बिक्री में भी सुधार देखने को मिला. ट्रेड सेल्स में प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2 प्रतिशत अंक अधिक है. कंपनी का प्रति टन EBITDA 770 रुपये रहा.
नई सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर
अंबुजा सीमेंट्स ने दूसरी तिमाही के दौरान 4.6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की नई उत्पादन क्षमता शुरू की. इसमें दहेज, सलाई बनवां और कलंबोली की परियोजनाएं शामिल हैं. इसके अलावा, बठिंडा और जोधपुर पेन्ना में 3.2 MTPA की अतिरिक्त क्षमता को स्थिर करने और उसका विस्तार करने का काम जारी है. वहीं, वारिसलीगंज में 2.4 MTPA क्षमता वाली परियोजना के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है. इन परियोजनाओं से कंपनी की उत्पादन क्षमता और बाजार में आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
लागत बढ़ने से मुनाफे पर दबाव
कंपनी के मुताबिक, तिमाही में कुल लागत 4,182 रुपये प्रति टन रही. भू-राजनीतिक व्यवधानों के प्रभाव को शामिल करने पर यह लागत बढ़कर 4,410 रुपये प्रति टन हो गई. पेटकोक और कोयले की ऊंची कीमतों, डीजल की लागत तथा पैकेजिंग खर्च में बढ़ोतरी ने कंपनी के लागत प्रबंधन को चुनौती दी. लॉजिस्टिक्स लागत में भी पिछले साल के मुकाबले मामूली वृद्धि हुई. हालांकि, कंपनी ने प्राथमिक परिवहन की औसत दूरी 265 किलोमीटर से घटाकर 254 किलोमीटर कर दी, जिससे बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिली.
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत
अंबुजा सीमेंट्स ने बताया कि उसकी बैलेंस शीट कर्ज-मुक्त बनी हुई है. कंपनी की नेट वर्थ 72,238 करोड़ रुपये है, जबकि उसके पास 1,070 करोड़ रुपये की नकदी मौजूद है. कंपनी को CRISIL, CARE Ratings, India Ratings और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों से AAA/A1+ की सर्वोच्च क्रेडिट रेटिंग भी मिली हुई है. यह रेटिंग कंपनी की वित्तीय साख और कर्ज चुकाने की क्षमता को दर्शाती है.
CEO ने क्या कहा?
अंबुजा सीमेंट्स के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO विनोद बहेती ने कहा कि मौसमी चुनौतियों और बाहरी दबावों के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन गुणवत्ता-आधारित विकास पर उसके फोकस को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि ट्रेड बिजनेस को मजबूत करने और प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने से राजस्व की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. वहीं, अनुशासित क्रियान्वयन और लागत प्रबंधन ने मुनाफे को बढ़ाने में मदद की. कंपनी का कहना है कि वह उत्पादन क्षमता बढ़ाने, प्रीमियम उत्पादों पर जोर देने और परिचालन दक्षता में सुधार के जरिए अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है.

