Balochistan Attacks: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों पर कई हमले होने की खबर है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, सोमवार को नुश्की और खारान जिलों में अलग-अलग जगहों पर सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने अक्टूबर महीने में 25 अभियानों के दौरान 129 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया कर्मियों को मारने का दावा किया है. संगठन के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने अपनी मासिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है.
रिपोर्ट के अनुसार, नुश्की जिले के अहमद वाल इलाके में हथियारबंद लोगों ने पैदल जा रहे और वाहनों में सवार सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया. वहीं खारान जिले में एक सैन्य वाहन विस्फोट की जद में आ गया. बताया जा रहा है कि इलाके में बारूदी सुरंगें बिछाए जाने से सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है. ये घटनाएं खारान के लिजाय इलाके में 1 नवंबर को हुई झड़पों के बाद सामने आई हैं. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उस दौरान हुए विस्फोट और मुठभेड़ में आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए या घायल हुए थे. इस दौरान एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन गिराए जाने की बात भी कही गई है.
बीएलएफ ने ग्वादर में ‘ऑपरेशन अलमास’ के दौरान 80 से ज्यादा कर्मियों को मारने का भी दावा किया. संगठन के अनुसार, उसने सैन्य ठिकानों, काफिलों और वाहनों को निशाना बनाया. वहीं बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने कच्छी जिले के सन्नी इलाके में एक सैन्य शिविर पर कब्जा कर लिया और 12 सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया. इसके अलावा संगठन ने पंजाब के रहीम यार खान जिले में गैस पाइपलाइन को विस्फोट से नुकसान पहुंचाने का दावा किया है.

