Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है. एक तरफ जहां मिसाइलों और ड्रोन के धमाकों से यूक्रेन का कोना-कोना थर्रा उठा है, वहीं अस्पताल और पावर ग्रिड ध्वस्त होने से लाखों लोग अंधेरे और दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं. 2 नवंबर की रात यूक्रेन के लिए किसी भयावह सपने से कम नहीं थी. रूस ने खारकीव के एक बड़े सिटी क्लिनिकल अस्पताल पर सीधे मिसाइल दाग दी.
एक सुनियोजित ‘कॉम्प्लेक्स अटैक’
ये धमाका सीधे कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहां गंभीर मरीज अपना इलाज करा रहे थे. खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने बताया कि बमबारी इतनी तीव्र थी कि अस्पताल की इमारतों के हजार से अधिक कांच टूटकर हवा में बिखर गए. लेकिन तबाही यहीं नहीं रुकी. अस्पताल को निशाना बनाने के साथ-साथ रूस ने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने का एक सुनियोजित ‘कॉम्प्लेक्स अटैक’ शुरू किया. यूक्रेनी रक्षा बलों के अनुसार, रूस ने इस हमले में अपनी पूरी ताकत झोंक दी.
9 बड़े क्षेत्रों की बिजली सप्लाई को बनाया निशाना
यूक्रेन के ओडेसा, चेरकासी, जितोमिर, विन्नित्सिया, खारकीव, नीप्रो, चेरनिव्त्सी, चेरनिहिव और रिवने जैसे 9 बड़े क्षेत्रों की बिजली सप्लाई को निशाना बनाया गया. जितोमिर क्षेत्र के गवर्नर विटाली बुनेचको के अनुसार, हमले के तुरंत बाद 1.8 लाख से अधिक लोग बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए. ओडेसा में ग्रिड को ढहने से बचाने के लिए ब्लैकआउट के कड़े नियम लागू करने पड़े हैं.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने की हमले की पुष्टि
हालांकि, रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए अपना रुख साफ किया. उनका दावा है कि उन्होंने केवल उन बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया है जो यूक्रेन की सेना और रक्षा कारखानों को बिजली सप्लाई कर रही थीं.
इसे भी पढ़ें. भाजपा की पदयात्रा: CM योगी बोले- सपा के ‘बबुआ’ को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, बदलाव होता है

